राजधानी में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे ‘साइबर प्रहार अभियान’ के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक ऐसे बैंक खाताधारक को गिरफ्तार किया है, जिसके खाते से मात्र छह दिनों के भीतर करीब ₹81 लाख का संदिग्ध लेनदेन हुआ था। जांच में सामने आया कि यह रकम साइबर ठगी से जुड़ी हुई थी और आरोपी कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता साइबर अपराधियों को इस्तेमाल करने देता था।

पुलिस के अनुसार, शहर में बढ़ते साइबर अपराध पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत ऐसे बैंक खातों की पहचान की जा रही है, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधी ठगी की रकम को ट्रांसफर करने के लिए करते हैं। तकनीकी निगरानी के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध बैंक खाते की जानकारी मिली, जिसमें कम समय में भारी रकम का ट्रांजेक्शन हुआ था।

जांच में पता चला कि थाना क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति के बैंक खाते में सिर्फ छह दिनों के भीतर लगभग ₹81,00,000 का लेनदेन हुआ है। इतनी बड़ी रकम का तेजी से ट्रांसफर होना सामान्य बैंकिंग गतिविधि से अलग और संदिग्ध माना गया। इसके बाद साइबर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए खाताधारक की पहचान की और उसके घर पहुंचकर पूछताछ की।

पूछताछ के दौरान आरोपी लेनदेन के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। तकनीकी जांच को आगे बढ़ाने पर यह भी पता चला कि इस खाते से जुड़े मामलों में देश के चार अलग-अलग राज्यों से शिकायत दर्ज की गई है। इससे साफ हो गया कि खाते का उपयोग साइबर ठगी के नेटवर्क द्वारा किया जा रहा था।

साइबर थाना के पुलिस उपाधीक्षक सह थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान कंकड़बाग निवासी दवा व्यवसायी के रूप में हुई है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों से मिली सूचना के आधार पर इस खाते की निगरानी की जा रही थी और संदिग्ध लेनदेन की पुष्टि होते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता था। फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान के लिए तकनीकी जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध में शामिल ऐसे लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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