पूर्णिया जिले के बनमनखी अनुमंडल के मोहनियां चकला गांव के निवासी शिवराज कुमार ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित परीक्षा उत्तीर्ण कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है। शिवराज की इस उपलब्धि से बनमनखी सहित पूरे इलाके में खुशी और गर्व का माहौल है। एक छोटे से ग्रामीण परिवेश से निकलकर देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली परीक्षा में सफलता प्राप्त करना उनके संघर्ष, मेहनत और लगन का परिणाम माना जा रहा है।
शिवराज कुमार, सुरेन्द्र साह के सुपुत्र हैं। साधारण परिवार में पले-बढ़े शिवराज ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया। बचपन से ही पढ़ाई के प्रति उनका गहरा लगाव रहा और उन्होंने लगातार मेहनत कर इस मुकाम को हासिल किया। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने के बावजूद उन्होंने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो किसी भी कठिन लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
शिवराज की इस सफलता की खबर जैसे ही उनके गांव मोहनियां चकला पहुंची, पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर और मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया। लोगों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया। गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने कहा कि शिवराज की सफलता से इलाके के अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी।
शिवराज के पिता सुरेन्द्र साह ने भावुक होते हुए कहा कि उनके बेटे ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी पढ़ाई जारी रखी और कभी हार नहीं मानी। उन्होंने कहा कि शिवराज बचपन से ही मेहनती और अनुशासित रहे हैं। परिवार को हमेशा विश्वास था कि वह एक दिन जरूर बड़ी सफलता हासिल करेंगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले बनमनखी के काझी गांव के सौरभ रंजन झा ने भी UPSC में सफलता प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया था और अब शिवराज कुमार की उपलब्धि ने इस गौरव को और बढ़ा दिया है।
शिवराज कुमार की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण प्रतिभा अगर सही दिशा और मेहनत के साथ आगे बढ़े तो वह देश के सर्वोच्च मंच तक अपनी पहचान बना सकती है।
