भागलपुर जिले के पीरपैंती थाना क्षेत्र के कुजबन्ना गांव में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। इस दौरान दोनों तरफ से लाठी-डंडे चले, जिसमें गांव के ही मो. मोकिम और उनका पुत्र जीशान गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना के संबंध में घायल मो. मोकिम ने बताया कि उनके और विपक्षी पक्ष के बीच काफी समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इस विवाद को लेकर पहले भी कई बार थाना और अंचल स्तर पर समझौते की कोशिश की गई थी, लेकिन विपक्षी पक्ष द्वारा अधिकारियों के फैसले को अनसुना कर दिया गया।
मोकिम के अनुसार घटना की शुरुआत बकरी को लेकर हुई कहासुनी से हुई। उन्होंने बताया कि विपक्षी पक्ष के लोग उनकी बकरी की पिटाई कर रहे थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया और ऐसा करने से मना किया तो विपक्षी पक्ष के लोग भड़क गए और देखते ही देखते लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में वह और उनका पुत्र जीशान गंभीर रूप से घायल हो गए।
मारपीट की घटना के दौरान गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन तब तक दोनों बुरी तरह घायल हो चुके थे। बाद में परिजनों और ग्रामीणों की मदद से दोनों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
घायल मो. मोकिम ने पीरपैंती थाना में लगभग एक दर्जन लोगों को नामजद करते हुए लिखित शिकायत दी है। उनका कहना है कि पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद है, जिसमें विपक्षी पक्ष द्वारा की गई मारपीट की पूरी तस्वीर कैद है।
इसके साथ ही मोकिम ने स्थानीय थाना पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शिकायत देने के बावजूद उन्हें पुलिस का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मी विपक्षी पक्ष के साथ मिलीभगत कर रहे हैं।
पीड़ित पक्ष ने अब मामले में उच्च अधिकारियों से न्याय की मांग की है। वहीं इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और लोग पुलिस से निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
