धनबाद पुलिस ने फर्जी सिम कार्ड और म्यूल बैंक खातों के जरिए देशभर में साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। दूरसंचार विभाग से मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने बलियापुर और कालूबथान क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन, फर्जी सिम कार्ड समेत कई सामान बरामद किए गए हैं। मामले का खुलासा ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने शनिवार को प्रेसवार्ता के दौरान किया।
पुलिस की विशेष जांच टीम ने सिंदरी एसडीपीओ के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए साइबर अपराध के नेटवर्क का खुलासा किया। गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का कथित मुख्य सरगना शिवंजीत देव, उसका सहयोगी कृष्णा राज तथा ग्रामीणों को झांसे में लेकर उनके दस्तावेज हासिल करने वाले गोविंद बाउरी और मधुसूदन बाउरी समेत अन्य आरोपी शामिल हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि दूरसंचार विभाग के टीएएफसीओपी पोर्टल पर बलियापुर थाना क्षेत्र की एक मोबाइल दुकान की गतिविधियों का विश्लेषण करने के दौरान संदिग्ध मामला सामने आया। जांच में पता चला कि दुकान की पीओएस मशीन का कथित दुरुपयोग कर शीतलपुर गांव के ग्रामीणों के नाम पर बड़ी संख्या में सिम कार्ड जारी किए जा रहे थे। एक ही व्यक्ति के नाम पर कम समय में 11, 14, 15 और यहां तक कि 20 सिम कार्ड तक एक्टिवेट किए गए थे।
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि गिरोह के सदस्य ग्रामीणों को पैसे और कमीशन का लालच देकर दुकान तक लाते थे। उनके दस्तावेजों के आधार पर सिम कार्ड जारी कराने के बाद उन्हीं के नाम पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र, एयरटेल पेमेंट्स बैंक और पेटीएम पेमेंट्स बैंक में म्यूल बैंक खाते भी खुलवाए जाते थे।
पुलिस के अनुसार इन खातों से जुड़े सिम, पासबुक और एटीएम कार्ड साइबर अपराधियों को उपलब्ध करा दिए जाते थे। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जांच के दौरान इन सिम कार्ड से जुड़े देशभर में दर्ज कई साइबर ठगी के मामलों के रिकॉर्ड भी मिले हैं।
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी शिवंजीत देव का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। मामले में अन्य लोगों को भी नामजद किया गया है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। ग्रामीण एसपी ने लोगों से अपील की है कि लालच में आकर अपना सिम या बैंक खाता किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल न करने दें।
संवाददाता: राजेश कुमार, धनबाद








