सहरसा जिला प्रशासन द्वारा एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री कार्यों को लेकर गंभीरता दिखाई जा रही है। इसी क्रम में आज दिनांक 03 फरवरी 2026 को जिलाधिकारी श्री दीपेश कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिले के सभी प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी तथा सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य एग्री स्टैक परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों में अब तक हुई प्रगति की समीक्षा करना और शेष कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराना था। जिलाधिकारी ने प्रखंडवार प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए धीमी गति से चल रहे कार्यों पर नाराजगी भी जताई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि फार्मर रजिस्ट्री एग्री स्टैक परियोजना की रीढ़ है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम दीपेश कुमार ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री से किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा और भविष्य में कृषि से जुड़ी सभी योजनाओं को पारदर्शी और प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि फील्ड स्तर पर कार्यरत कर्मी गांव-गांव जाकर किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के महत्व के बारे में जागरूक करें। जिन क्षेत्रों में कार्य की प्रगति अपेक्षाकृत कम है, वहां विशेष अभियान चलाकर पंजीकरण कार्य को गति देने का निर्देश दिया गया।
इसके साथ ही डीएम ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों और अंचलाधिकारियों से नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा, ताकि समय पर लक्ष्य की पूर्ति हो सके। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि एग्री स्टैक परियोजना को सफल बनाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए इसे समय पर पूरा करें।
