भागलपुर में बेटी के जन्म को लेकर एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने समाज को सकारात्मक संदेश दिया। जिस दौर में बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और लोगों की सोच भी बदल रही है, उसी बदलाव की खूबसूरत मिसाल भागलपुर के एक परिवार ने पेश की। यहां बेटी के जन्म की खुशी को किसी त्योहार या बारात से कम नहीं मनाया गया।
भागलपुर निवासी रोशन कुमार के घर बेटी का जन्म हुआ। परिवार ने इस खुशी को यादगार बनाने के लिए प्राइवेट नर्सिंग होम से नवजात बच्ची को घर लाने की विशेष तैयारी की। जिस वाहन में नन्हीं परी को घर लाया गया, उसे दुल्हन की तरह आकर्षक ढंग से सजाया गया। नर्सिंग होम से घर तक का करीब चार किलोमीटर का सफर ढोल-नगाड़ों की गूंज, घोड़ों की मौजूदगी, आतिशबाजी और नाचते-गाते परिजनों के साथ तय किया गया।
पूरा रास्ता उत्सव के माहौल में बदल गया। ढोल की थाप पर परिवार के सदस्य और रिश्तेदार खुशी से झूमते नजर आए। इस अनोखे जुलूस को देखकर राहगीरों की भीड़ जुट गई। कई लोगों को पहले लगा कि किसी की बारात निकल रही है, लेकिन जब उन्हें पता चला कि यह बेटी के जन्म की खुशी में निकाला गया स्वागत जुलूस है, तो उन्होंने परिवार की खुलकर सराहना की। लोगों ने इसे समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताते हुए कहा कि बेटियों को भी बेटों के समान सम्मान और प्यार मिलना चाहिए।
घर पहुंचने पर नवजात बच्ची और उसकी मां का पूरे विधि-विधान के साथ स्वागत किया गया। परिवार के सभी सदस्यों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। पिता रोशन कुमार ने कहा कि बेटी उनके लिए ईश्वर का सबसे अनमोल उपहार है। उन्होंने बताया कि बेटियां परिवार की शान होती हैं और उनके जन्म का स्वागत पूरे उत्साह के साथ होना चाहिए। परिवार का मानना है कि इस तरह के आयोजन समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देंगे और लोगों को यह संदेश देंगे कि बेटी किसी भी मायने में बेटे से कम नहीं है।






