बिहार के बांका जिले में रविवार को तेज बारिश और आकाशीय बिजली ने भीषण तबाही मचा दी। जिले के अलग-अलग प्रखंडों में वज्रपात की घटनाओं में पांच किसानों और मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि सात अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सबसे हृदयविदारक घटना बांका टाउन थाना क्षेत्र के खावा गांव में हुई, जहां खेत में काम कर रहे 35 वर्षीय ब्रह्मदेव यादव और उनके सात वर्षीय बेटे प्रिंस कुमार की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। रविवार होने के कारण स्कूल बंद था, इसलिए प्रिंस अपने पिता के साथ खेत गया था। अचानक मौसम बिगड़ा, तेज बारिश और गरज के बीच बिजली सीधे दोनों पर गिरी। गंभीर रूप से झुलसे पिता-पुत्र को बांका सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। टाउन थाना अध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
इसी थाना क्षेत्र के गुलाहो गांव में खेत में काम कर रहे विनोद यादव की भी वज्रपात से मौत हो गई। वहीं बांका शहर के लीलावरण गांव में धान की रोपनी कर रही सरिता देवी ने भी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दम तोड़ दिया। अमरपुर थाना क्षेत्र के सलेमपुर राय बहियार में मजदूर अजय महतो खेत में रोपनी कर रहे थे। पास के पेड़ पर बिजली गिरने से वह गंभीर रूप से झुलस गए और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बाराहाट प्रखंड के दफरपुर गांव में किसान साधु तांती की भी खेत में काम करते समय वज्रपात से जान चली गई।
दूसरी ओर रजौन प्रखंड के सिमरौंधा, मुरादपुर और मोरामा गांवों में रीना देवी, कल्पना देवी, रीता देवी और दिनेश प्रताप सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं चांदन प्रखंड के दोमुहान गांव में हैदर अंसारी, जीशान अंसारी और कारी देवी भी खेत में काम के दौरान आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।
लगातार हो रही वज्रपात की घटनाओं ने एक बार फिर मौसम खराब होने पर खेतों में काम करने के खतरे को उजागर कर दिया है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान और खेतों में जाने से बचने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।






