श्रावणी मेला-2026 के दौरान अजगैविनाथ गंगा घाट पर रविवार को “प्लास्टिक मुक्त हरित श्रावणी मेला” अभियान के तहत व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। वन प्रमंडल, भागलपुर, माटी मंत्रा एवं असर के संयुक्त तत्वावधान में जलवायु समर्थ पंचायत अभियान के अंतर्गत चलाए गए इस अभियान में बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों से आए कांवरियों, बच्चों, स्थानीय नागरिकों और गंगा घाट के पुजारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सावन की पहली सोमवारी को लेकर आयोजित इस अभियान का उद्देश्य श्रद्धालुओं को गंगा की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। स्वयंसेवकों ने गंगा स्नान और जल भरने आए कांवरियों से संवाद कर उन्हें प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन, पूजा सामग्री की प्लास्टिक पैकिंग, शैम्पू पाउच और अन्य प्लास्टिक कचरा गंगा में नहीं फेंकने की अपील की। साथ ही सभी से कचरे को निर्धारित डस्टबिन में डालने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आग्रह किया गया।
गंगा घाट पर मौजूद पुजारियों ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि माँ गंगा को स्वच्छ रखना ही सच्ची पूजा और भगवान शिव के प्रति वास्तविक श्रद्धा है। उन्होंने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और जीवन का आधार है, इसलिए इसकी स्वच्छता बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
अभियान के दौरान बच्चों ने हाथों में जागरूकता तख्तियां लेकर “स्वच्छ गंगा–सच्ची भक्ति”, “बोल बम–प्लास्टिक कम”, “गंगा है कूड़ेदान नहीं” और “प्लास्टिक छोड़ो, प्रकृति जोड़ो” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। कई कांवरियों ने प्लास्टिक का उपयोग कम करने और गंगा को स्वच्छ रखने का संकल्प भी लिया।
आयोजकों ने बताया कि यह अभियान पूरे श्रावणी मेला-2026 के दौरान लगातार चलाया जाएगा। गंगा घाटों और प्रमुख स्थलों पर नियमित रूप से स्वच्छता अभियान, जन-जागरूकता कार्यक्रम और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां आयोजित कर लोगों को स्वच्छ एवं हरित श्रावणी मेला के लिए प्रेरित किया जाएगा।








