विक्रमशिला सेतु पर बने पहले बेली ब्रिज का ट्रायल सफल, 7 जून से छोटे वाहनों के परिचालन की तैयारी
भागलपुर के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से पर बनाए गए पहले बेली ब्रिज का ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। सीमा सड़क संगठन (BRO) की देखरेख में देर रात किए गए इस परीक्षण में लगभग ढाई टन वजनी स्कॉर्पियो वाहन को 49 मीटर लंबे बेली ब्रिज से गुजारा गया। ट्रायल के दौरान पुल पूरी तरह सुरक्षित और स्थिर पाया गया, जिसके बाद अधिकारियों ने इसे सफल घोषित किया।
गौरतलब है कि 4 मई की देर रात विक्रमशिला सेतु का एक स्लैब अचानक क्षतिग्रस्त होकर गंगा नदी में गिर गया था। इस घटना के बाद भागलपुर को सीमांचल और कोसी क्षेत्र से जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण पुल पर आवागमन बाधित हो गया था। सेतु बंद होने से लाखों लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक यात्राओं पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ा है।
पुल को जल्द चालू कराने के लिए सीमा सड़क संगठन (BRO), बिहार राज्य पुल निर्माण निगम तथा पथ निर्माण विभाग की संयुक्त टीम युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। क्षतिग्रस्त हिस्से पर कुल चार बेली ब्रिज बनाए जा रहे हैं ताकि अस्थायी रूप से यातायात बहाल किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार पहले बेली ब्रिज का सफल ट्रायल होने के बाद शेष तीन बेली ब्रिजों के निर्माण और परीक्षण कार्य में भी तेजी लाई गई है। उम्मीद है कि अगले एक-दो दिनों में बाकी बेली ब्रिजों का भी ट्रायल पूरा कर लिया जाएगा।
निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लेने के लिए बिहार के उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary भी मौके पर पहुंच चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता बनाए रखते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं ताकि आम लोगों को जल्द राहत मिल सके।
अधिकारियों का कहना है कि यदि शेष बेली ब्रिजों का परीक्षण भी सफल रहता है, तो 7 जून से विक्रमशिला सेतु पर छोटे वाहनों का परिचालन शुरू किया जा सकता है। इससे भागलपुर, सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी तथा लंबे समय से प्रभावित यातायात व्यवस्था फिर से सामान्य होने की उम्मीद है।