नीट पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का कथित पत्र सामने आया है।
कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए इस पत्र में उन्होंने लिखा है कि पिछले 10 दिनों से उनका मन व्यथित था। हालांकि केंद्र सरकार या शिक्षा मंत्रालय की तरफ से इस इस्तीफे पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, सोशल मीडिया पर यह पत्र तेजी से वायरल हो रहा है।
अपने कथित पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा है, चार दशकों से ज्यादा समय से मैंने खुद को छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित किया है। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि एक मजबूत, सबको साथ लेकर चलने वाला और दूर की सोचने वाला शिक्षा सिस्टम एक मजबूत देश की नींव रखता है।
उन्होंने आगे लिखा, मैं देश के युवाओं की उम्मीदों, भावनाओं और जायज उम्मीदों का बहुत सम्मान करता हूं। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को पूरा करना हमारी राजनीतिक और सामाजिक जिंदगी में एक नैतिक कमिटमेंट रहा है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उनके दूरदर्शी नेतृत्व में देश की सेवा करने का मौका देने के लिए शुक्रिया अदा करता हूं।
पत्र में उनका दर्द भी सामने आया है। उन्होंने लिखा है कि परीक्षा के पेपर लीक होने के बाद सरकार ने नए सिरे से परीक्षा का आयोजन किया, लेकिन जिम्मेदार पदों पर बैठे कुछ लोगों ने छात्रों को गुमराह कर कई तरह की बाधाएं खड़ी की।
गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके 20 जून से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे हैं। सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत जारी है, जिसमें दो मांगों पर सहमति की बात कही जा रही है, लेकिन इस्तीफे की मांग पर पेंच फंसा हुआ है।
इधर, दिल्ली पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान 130 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और 15 FIR दर्ज हुई हैं। फिलहाल सभी की नजर इस कथित इस्तीफे पर सरकार के आधिकारिक रुख पर टिकी है।








