नीट पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कथित इस्तीफे पर सियासत तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर उनका इस्तीफा पत्र वायरल होने के बाद कांग्रेस ने भी अपना आधिकारिक बयान जारी किया है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हठ की हार है। उन्होंने कहा, भारत के ‘छात्रों की गूंज’ आखिरकार अहंकारी सत्ता की दहलीज तक पहुँच गई। ये हमारे करोड़ों युवाओं की जीत है जिन्होंने देशभर में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सड़क पर आवाज उठाई।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा, ये सत्य की जीत है और मोदी जी के हठ की हार है। ये उन सभी परिवारों की जीत है जिन्होंने अपने बच्चों को खोया, क्योंकि यह सरकार भ्रष्टाचारी है। ये साझा विपक्ष की जीत है, जिन्होंने छात्रों के हित में संसद से सड़क तक आवाज उठाई। उन्होंने अंत में कहा कि अब बारी है मोदी जी को हमारी युवा पीढ़ी से माफी मांगने की और जिन्होंने छात्रों पर लाठी-डंडे और पेलेट गन चलवाई है, उन पर कठोर कार्रवाई करने की।
वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने भी सोशल मीडिया साइट ‘X’ पर धर्मेंद्र प्रधान के कथित इस्तीफे का स्वागत किया है। उन्होंने लिखा, मैं इस इस्तीफे का स्वागत करता हूं। उम्मीद है कि इससे मौजूदा तनाव कम होगा और संसद के भीतर तथा बाहर शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मूल मुद्दों पर गंभीर चर्चा का रास्ता खुलेगा।
गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके 20 जून से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसी बीच धर्मेंद्र प्रधान का एक कथित पत्र वायरल हुआ है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को गुमराह किया और बाधाएं खड़ी कीं।
हालांकि इस पूरे मामले पर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है। दिल्ली पुलिस का दावा है कि आंदोलन के दौरान 130 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और 15 FIR दर्ज की गई हैं।
फिलहाल इस खबर पर लगातार अपडेट आ रहे हैं और सभी की नजर PMO की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी है।








