25 जुलाई को प्रस्तावित ‘बिहार बंद’ को लेकर राजधानी पटना में जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। शुक्रवार को पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्तिकेय शर्मा ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई तैयारियों की जानकारी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन सभी का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन किसी भी तरह की हिंसा, तोड़फोड़ या सरकारी एवं निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने बताया कि बिहार बंद को लेकर छात्र नेताओं के साथ बैठक की गई है। बैठक में प्रदर्शन के स्वरूप और व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के लिए केवल गर्दनीबाग धरना स्थल की अनुमति दी गई है। इसके अलावा राजधानी के किसी अन्य स्थान पर प्रदर्शन की इजाजत नहीं होगी। प्रशासन ने छात्रों से अपील की है कि वे निर्धारित स्थल पर ही शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
डीएम ने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा और शहर में सामान्य जनजीवन बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अस्पतालों, स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी कार्यालयों तथा अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
वहीं एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि हाल के छात्र आंदोलनों के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया था और हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया था। ऐसे लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि पुलिस के पास वीडियो फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्य मौजूद हैं, जिनके आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। कई संदिग्धों की तस्वीरें सार्वजनिक की गई हैं और कई लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।
प्रशासन ने अभिभावकों, शिक्षकों और कोचिंग संस्थानों के संचालकों से भी अपील की है कि वे छात्रों को शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखने के लिए प्रेरित करें। अधिकारियों ने दोहराया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन का सम्मान किया जाएगा, लेकिन हिंसा और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।






