
भारतीय जनता पार्टी ने जामताड़ा सदर अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत और भाजपा कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमों के विरोध में 31 जुलाई को विशाल जनआंदोलन का ऐलान किया है। बुधवार को भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष एवं दुमका के पूर्व सांसद सुनील सोरेन ने राज्य सरकार पर स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो भाजपा आर-पार की लड़ाई लड़ेगी।
सुनील सोरेन ने कहा कि कुछ दिन पहले जामताड़ा सदर अस्पताल में कथित लापरवाही के कारण एक प्रसूता और उसके अजन्मे बच्चे की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में स्थित है और यदि यहां स्वास्थ्य सेवाओं की यह स्थिति है तो पूरे राज्य की व्यवस्था का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद जब भाजपा कार्यकर्ता पीड़ित परिवार के समर्थन में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन कर रहे थे, तब प्रशासन ने भाजपा जिला अध्यक्ष सुमित शरण सहित आठ कार्यकर्ताओं पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज कर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में जिम्मेदार लोगों पर अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई, जबकि न्याय की मांग करने वालों पर कार्रवाई कर दी गई। भाजपा ने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने की मांग भी दोहराई।
पूर्व सांसद ने बताया कि 31 जुलाई को गांधी मैदान से समाहरणालय तक विशाल जुलूस निकाला जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इस प्रदर्शन में करीब 50 हजार कार्यकर्ता शामिल होंगे। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, अर्जुन मुंडा और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री सत्यानंद झा बाटुल ने भी कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया। वहीं, नाला विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी माधव चंद्र महतो ने आरोप लगाया कि पुलिस राजनीतिक दबाव में काम कर रही है और लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया जा रहा है।
भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
संवाददाता: संतोष कुमार, जामताड़ा




