भागलपुर का रामासी बना देश का पहला ‘सिंदूर ग्राम’, प्राकृतिक सिंदूर से बदलेगी गांव की तस्वीर, महिलाओं को मिलेगा रोजगार

भागलपुर: बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर ने भागलपुर जिले के रामासी गांव को देश का पहला ‘सिंदूर ग्राम’ घोषित करते हुए इसे गोद लिया है। विश्वविद्यालय की इस अनूठी पहल का उद्देश्य ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और कृषि आधारित रोजगार को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम का नेतृत्व कुलपति डॉ. डीआर सिंह ने किया, जिसमें जनप्रतिनिधि, वैज्ञानिक, महिला किसान और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान एक एकड़ भूमि में सात से आठ माह आयु के 250 सीता सिंदूर (बिक्सा ओरियाना/अन्नाटो) के पौधे लगाए गए। साथ ही 100 महिला किसानों को सिंदूर के पौधे, हॉर्टिकल्चर टूल किट, पावर नैपसैक स्प्रेयर और अन्य कृषि उपकरण वितरित किए गए, ताकि वे सिंदूर की खेती के जरिए अपनी आय बढ़ा सकें।

Sponsored Advertisement

मुख्य अतिथि सन्हौला विधायक सुभानंद मुकेश और रामासी पंचायत की मुखिया शोभा देवी ने इस पहल को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिलाओं की आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम बताया। डॉ. रवि केशरी ने बताया कि सीता सिंदूर धार्मिक महत्व के साथ-साथ प्राकृतिक रंग और कई औद्योगिक उत्पादों में भी उपयोगी है।

कुलपति डॉ. डीआर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय ने सिंदूर प्रौद्योगिकी का पेटेंट और सीता सिंदूर का जीआई टैग हासिल किया है। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिकों के तीन वर्षों के शोध के बाद इस तकनीक को किसानों तक पहुंचाया गया है। विश्वविद्यालय किसानों को डिजिटल पोर्टल के माध्यम से बाजार उपलब्ध कराएगा और गांव में सिंदूर प्रसंस्करण इकाई स्थापित कर बीज से शुद्ध प्राकृतिक सिंदूर तैयार किया जाएगा।

बीएयू के अनुसार, बिक्सा ओरियाना से तैयार प्राकृतिक सिंदूर में लेड और मरकरी जैसी हानिकारक धातुएं नहीं होतीं। इसलिए यह महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है। इस नवाचार को व्यावसायिक रूप देने के लिए कटिहार की उद्यमी रीना सिंह के स्टार्टअप को बिहार सरकार ने 10 लाख रुपये का अनुदान भी दिया है।

भविष्य में रामासी में सिंदूर नर्सरी, मधुमक्खी पालन, मत्स्य पालन, बकरी पालन और कुक्कुट पालन जैसी गतिविधियां शुरू की जाएंगी। वहीं, दानापुर कैंटोनमेंट क्षेत्र में दुनिया का पहला ‘सिंदूर पार्क’ विकसित करने की भी योजना है। यह पहल रामासी गांव को नई पहचान देने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक मिसाल बन सकती है।

  • Related Posts

    शिक्षक सम्मान समारोह के मंच पर सहरसा जिलाधिकारी ने ली शिक्षकों की क्लास, सवालों में फंसे तो मिली सुधार की सख्त हिदायत

    शिक्षक दिवस के अवसर पर सहरसा में आयोजित सम्मान समारोह उस समय चर्चा में आ गया, जब जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने बेस्ट टीचर अवार्ड पाने वाले शिक्षकों की मंच पर…

    नाथनगर में चारे के ढेर में लगी भीषण आग, दमकल ने एक घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू

    भागलपुर। नाथनगर थाना क्षेत्र के पुरानी सराय मोड़ के समीप शुक्रवार देर रात मवेशियों के चारे के ढेर में अचानक आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *