जामताड़ा सदर अस्पताल में संस्थागत प्रसव के दौरान रीना देवी की मौत के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को भाजपा की दो सदस्यीय जांच टीम जामताड़ा पहुंची और मृतका के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। टीम में पूर्व मंत्री अमर बाउरी और पूर्व सांसद सुनील सोरेन शामिल थे। दोनों नेताओं ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा देते हुए कहा कि भाजपा इस दुख की घड़ी में पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी है।
परिजनों से मुलाकात के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री अमर बाउरी ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि रीना देवी अपने पैरों से चलकर सदर अस्पताल पहुंची थीं, लेकिन समय पर समुचित इलाज नहीं मिलने के कारण उनकी मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद कांग्रेस नेताओं ने साजिश के तहत तोड़फोड़ का माहौल बनाया और भाजपा जिला अध्यक्ष सहित अन्य कार्यकर्ताओं पर सत्ता का दुरुपयोग कर प्राथमिकी दर्ज कराई गई। उन्होंने कहा कि भाजपा ऐसे मामलों से डरने वाली नहीं है।
अमर बाउरी ने मांग की कि घटना के लिए जिम्मेदार स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए और मृतका के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि जिस समय पूरा देश भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा मना रहा था, उसी समय एक परिवार अपनी बहू और नवजात को खोने के दर्द से गुजर रहा था। उन्होंने इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर डालते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।
वहीं पूर्व सांसद सुनील सोरेन ने कहा कि इस मामले में डॉक्टरों और जिम्मेदार स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए, क्योंकि लापरवाही के कारण जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले के अस्पताल की यह स्थिति है तो पूरे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
मामले को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और अब सभी की निगाहें प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
संवाददाता: संतोष कुमार, जामताड़ा






