राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत टीबी मरीजों को बेहतर उपचार के साथ पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने की दिशा में शनिवार को सदर अस्पताल, सहरसा में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान 12 टीबी मरीजों के बीच फूड बास्केट का वितरण किया गया। इस पहल का उद्देश्य मरीजों को उपचार अवधि के दौरान आवश्यक पोषण उपलब्ध कराकर उनके जल्द स्वस्थ होने में सहयोग देना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. एस.के. आजाद, डॉ. हरिशेखर भारती तथा प्रभारी डीपीएम सह अस्पताल प्रबंधक सिंपी कुमारी ने संयुक्त रूप से किया। अधिकारियों ने कहा कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में केवल दवाएं ही पर्याप्त नहीं होतीं, बल्कि संतुलित एवं पौष्टिक आहार भी उतना ही आवश्यक है। उचित पोषण मिलने से मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और उपचार का प्रभाव बेहतर होता है।
स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी कि जिले के सभी प्रखंडों में भी इसी तरह फूड बास्केट वितरण अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम), जिला कार्यक्रम समन्वयक (डीपीसी), अस्पताल प्रबंधक एवं लेखापालों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पतरघट, सोनबरसा, महिषी, पंचगछिया, बनमा-इटहरी, सिमरी बख्तियारपुर सहित अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में भी टीबी मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान दानदाताओं के सहयोग से मंगल साह, सोनम देवी, सुलेखा देवी समेत कुल 12 टीबी मरीजों को फूड बास्केट प्रदान किया गया। अधिकारियों ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाना है और इसमें समाज की सहभागिता भी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने आम लोगों, सामाजिक संगठनों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं से अपील की कि वे टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके पोषण एवं उपचार में सहयोग करें।
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि फूड बास्केट वितरण पूरी तरह समयबद्ध, पारदर्शी और नियमित रूप से किया जाए। जिला स्तर पर इसकी सतत निगरानी की जाएगी, ताकि प्रत्येक पात्र टीबी मरीज को उपचार के दौरान पोषण सहायता का लाभ मिल सके और टीबी उन्मूलन अभियान को मजबूती मिले।
संवाददाता: इन्द्रदेव जी, सहरसा





