गया: बिहार में मानसून सक्रिय है, लेकिन गया जिले के बाराचट्टी प्रखंड के बाराडीह गांव की कहानी अलग है। यहां जलजमाव केवल बारिश के दिनों की नहीं, बल्कि पूरे साल की समस्या बन चुका है। पिछले 30 से 40 वर्षों से गांव की करीब 2 किलोमीटर लंबी सड़क हमेशा पानी में डूबी रहती है, जिससे 500 से अधिक परिवार और दर्जनभर गांवों के हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित होता है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का निर्माण दो दशक से नहीं हुआ। बरसात में यहां घुटनों तक पानी भर जाता है, जबकि जर्जर सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। आए दिन बाइक सवार दुर्घटनाग्रस्त होते हैं और जलजमाव के कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
स्थानीय निवासी देवनंदन दास का कहना है कि विधायक, सांसद, मंत्री और अधिकारियों से कई बार गुहार लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनका आरोप है कि हर बार केवल आश्वासन मिलता है, लेकिन सड़क और जलनिकासी की व्यवस्था आज तक नहीं बन सकी।
ग्रामीण अनिल प्रसाद बताते हैं कि सड़क के नाम पर कई बार खुदाई और अधूरा निर्माण हुआ, लेकिन न सड़क बनी और न ही नालियों का निर्माण पूरा हुआ। नतीजा यह है कि नालियों और नल-जल योजना का पानी भी सड़क पर बहता रहता है, जिससे हालात और बदतर हो गए हैं।
वहीं, बेघन प्रसाद का कहना है कि पिछले तीन-चार दशकों से लोग इसी परेशानी को झेल रहे हैं। बरसात में इस मार्ग से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं होता और गांव के पास कोई वैकल्पिक रास्ता भी नहीं है।
इस मामले में मुखिया प्रतिनिधि शैलेश कुमार ने कहा कि इतनी बड़ी सड़क का निर्माण पंचायत फंड से संभव नहीं है। उनके अनुसार यह कार्य विधायक फंड से ही कराया जा सकता है और जल्द काम शुरू होने की संभावना है।
दूसरी ओर बाराचट्टी बीडीओ अभिषेक कुमार आशीष ने कहा कि आरडब्ल्यूडी द्वारा सड़क निर्माण की जानकारी मिली थी। यदि काम अधूरा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से लिखित शिकायत देने की अपील करते हुए आश्वासन दिया कि समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।








