
धनबाद पुलिस ने अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों के निपटारे को लेकर बड़ी उपलब्धि हासिल करने का दावा किया है। शुक्रवार को समाहरणालय स्थित पुलिस सभागार में आयोजित मासिक अपराध समीक्षा बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने बताया कि जिले में अपराध के मामलों में करीब 30 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। साथ ही, लंबित मामलों की संख्या घटकर 1794 रह गई है, जो पहली बार 1800 से नीचे पहुंची है।
एसएसपी ने बताया कि जून माह में जिले में कुल 409 नए आपराधिक मामले दर्ज किए गए, जबकि इसी अवधि में 460 मामलों का निष्पादन किया गया। लगातार कार्रवाई और नियमित समीक्षा के कारण लंबित मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जिले में चार हजार से अधिक मामले लंबित थे, लेकिन सुनियोजित रणनीति के तहत अब यह संख्या काफी कम हो गई है।
बैठक में वारंट और कुर्की-जब्ती की भी समीक्षा की गई। एसएसपी के अनुसार, जून माह में 150 से अधिक वारंटों का निष्पादन किया गया, जबकि दागी अपराधियों का सत्यापन कार्य भी शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। सभी थाना प्रभारियों और सर्किल इंस्पेक्टरों को लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन करने और फरार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि अगले एक सप्ताह तक जिलेभर में विशेष अभियान चलाकर उन फरार अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी, जिनके खिलाफ कुर्की-जब्ती की कार्रवाई के बावजूद वे अब तक गिरफ्तारी से बच रहे हैं। एसएसपी ने कहा कि पहले जहां जिले में हर महीने औसतन 600 आपराधिक मामले दर्ज होते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर लगभग 400 रह गई है, जो पुलिस की प्रभावी कार्रवाई का सकारात्मक परिणाम है।
बैठक के दौरान कुख्यात अपराधी प्रिंस खान द्वारा निरसा विधायक अरूप चटर्जी और सांसद ढुल्लू महतो को कथित धमकी दिए जाने के मामले पर भी एसएसपी ने कहा कि जांच अंतिम चरण में है। जांच पूरी होने के बाद तथ्य सार्वजनिक किए जाएंगे और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।





