राज्यभर में पेट्रोल की किल्लत अब गंभीर रूप लेती जा रही है। राजधानी समेत कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जबकि धनबाद में हालात और भी चिंताजनक हो गए हैं। जिले के कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल पूरी तरह खत्म हो चुका है, वहीं कुछ जगहों पर केवल डीजल की बिक्री हो रही है। अचानक बढ़ी मांग और लोगों द्वारा पेट्रोल स्टॉक करने की होड़ ने हालात बिगाड़ दिए हैं।
बताया जा रहा है कि दो दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से जरूरत पड़ने पर ही वाहन इस्तेमाल करने और “वर्क फ्रॉम होम” अपनाने की अपील की गई थी। इसके बाद लोगों में पेट्रोल की संभावित कमी को लेकर चिंता बढ़ गई। इसी आशंका के चलते लोगों ने अपने वाहनों की टंकियां फुल करानी शुरू कर दीं। कई लोग डिब्बों और कंटेनरों में भी पेट्रोल जमा करने लगे, जिससे अचानक मांग कई गुना बढ़ गई।
धनबाद के कई पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही भारी भीड़ देखने को मिली। बाइक, कार और अन्य वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। कई पंपों पर पेट्रोल खत्म होने के बाद अस्थायी रूप से बिक्री बंद करनी पड़ी। इससे आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, स्कूली वाहन चालक और रोजमर्रा के कामकाज करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आए।
पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि सामान्य दिनों की तुलना में पिछले दो दिनों में पेट्रोल की खपत कई गुना बढ़ गई है। लोगों में घबराहट का माहौल है और हर व्यक्ति अपनी गाड़ी की टंकी फुल कराना चाहता है। कुछ लोग अतिरिक्त पेट्रोल भी जमा कर रहे हैं, जिससे सप्लाई और मांग के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया है।
एक पेट्रोल पंप मैनेजर ने बताया कि लगातार बढ़ती मांग के कारण स्टॉक तेजी से खत्म हुआ है। हालांकि देर शाम तक नए टैंकर आने की संभावना जताई जा रही है, जिससे स्थिति में कुछ सुधार हो सकता है।
वहीं आम लोगों ने प्रशासन से जल्द सप्लाई सामान्य कराने और अफवाहों पर रोक लगाने की मांग की है।
संवाददाता – नीतीश कुमार, धनबाद