रोहतास जिले के सासाराम में पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। नगर थाना पुलिस ने एक होटल में छापेमारी कर मास्टरमाइंड समेत चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह के तार दूसरे राज्यों, खासकर तेलंगाना, तक जुड़े हैं।
नगर थाना क्षेत्र स्थित आशीर्वाद होटल में साइबर ठगी से जुड़ी गतिविधियों की गुप्त सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान चार युवकों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से कई मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद हुए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में भभुआ निवासी आदित्य राज, जिसे पुलिस गिरोह का मास्टरमाइंड मान रही है, के अलावा रोहतास के अमन कुमार पटेल, रवि कुमार वर्मा और आदित्य कुमार शामिल हैं। सभी से गहन पूछताछ जारी है।
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी लोगों के मोबाइल पर फर्जी लिंक भेजते थे। लिंक पर क्लिक करने के बाद वे ओटीपी, बैंकिंग पासवर्ड और अन्य गोपनीय जानकारियां हासिल कर पीड़ितों के खातों से मिनटों में रकम उड़ा लेते थे।
पुलिस के अनुसार, ठगी की रकम सीधे अपने खातों में लेने के बजाय आरोपी आम लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे। खाताधारकों को कुल रकम का करीब 2.5 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था, ताकि जांच एजेंसियों से बचा जा सके। ऐसे कई संदिग्ध बैंक खाते पुलिस की जांच के दायरे में हैं।
जांच में इस गिरोह के तेलंगाना समेत अन्य राज्यों से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान में जुटी है
“गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। बरामद मोबाइल और डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। शुरुआती पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं और जल्द ही नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक भी पुलिस पहुंच सकती है।”
रोहतास पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और ओटीपी, एटीएम पिन या बैंकिंग पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।








