विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच रही हैं। लाखों कांवरियों की सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। इसी कड़ी में भागलपुर के सुल्तानगंज में एसडीओ विकास कुमार और डीएसपी नवनीत कुमार ने जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों के साथ सुरक्षा बलों के ठहराव के लिए संभावित स्थलों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की टीम सबसे पहले मुरारका महाविद्यालय पहुंची, जहां सुरक्षा बलों के ठहराव की संभावनाओं का जायजा लिया गया। एसडीओ विकास कुमार ने महाविद्यालय के प्राचार्य नागेंद्र तिवारी से मुलाकात कर परिसर में सुरक्षा बलों के आवास की व्यवस्था को लेकर चर्चा की।
प्राचार्य नागेंद्र तिवारी ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय के कुलपति से अनुमति मिलने के बाद ही महाविद्यालय परिसर को सुरक्षा बलों के ठहराव के लिए उपलब्ध कराया जा सकेगा। इस पर एसडीओ ने कहा कि आवश्यक अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी, ताकि समय रहते सभी तैयारियां सुनिश्चित की जा सकें।
इसके बाद अधिकारियों ने नमामि गंगे घाट उद्घाटन स्थल का भी निरीक्षण किया और वहां सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन की तैयारियों का आकलन किया। टीम ने ए.के. गोपालन कॉलेज, कृष्णगढ़ धर्मशाला, तिलकपुर स्थित गांधी घर और प्रखंड मुख्यालय परिसर का भी दौरा किया। इन सभी स्थानों को पुलिस और सुरक्षा बलों के अस्थायी आवास के लिए उपयुक्तता के आधार पर परखा गया।
प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रावणी मेला के दौरान तैनात होने वाले पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों को बेहतर आवास, सुविधाएं और त्वरित तैनाती की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सके, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
निरीक्षण के दौरान अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी वंदना कुमारी, थानाध्यक्ष धनंजय कुमार, अंचलाधिकारी अनुज कुमार झा, बीडीओ संजीव कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासन का कहना है कि श्रावणी मेला के सफल और सुरक्षित आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जा रही हैं।





