बेतिया के पश्चिम चंपारण जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मझौलिया थाना क्षेत्र के रमपुरवा महानवा पंचायत में 11 केवी हाईटेंशन लाइन से करीब 13.2 किलोमीटर बिजली का तार चोरी हो गया। हैरानी की बात यह है कि यह तार एक-दो पोल से नहीं, बल्कि पूरे 88 बिजली पोलों से गायब हुआ और बिजली विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी।
जानकारी के अनुसार, यह चोरी एक दिन में नहीं बल्कि पिछले करीब एक महीने के दौरान हुई। आरोप है कि लगातार हाईटेंशन लाइन से तार काटे जाते रहे, लेकिन न तो बिजली विभाग ने इसकी निगरानी की और न ही स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी मिली। घटना सामने आने के बाद विभाग और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
रमपुरवा महानवा पंचायत के मुखिया और उनके बेटे उपेंद्र कुमार ने विभागीय अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि नियमित रूप से लाइन का निरीक्षण किया जाता तो इतनी बड़ी चोरी संभव नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि ग्रामीणों ने कई बार तार गायब होने की शिकायत की, लेकिन अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
मुखिया के बेटे ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग ने काफी देर से थाने में आवेदन देकर मामले को दबाने की कोशिश की। उन्होंने आशंका जताई कि इतनी बड़ी चोरी बिना विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत के संभव नहीं हो सकती।
इस घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि जिस लाइन से तार चोरी हुआ, वह 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी लाइन से 13.2 किलोमीटर तार काटना तकनीकी जानकारी और पूरी तैयारी के बिना आसान नहीं है। इससे किसी संगठित गिरोह या अंदरूनी मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है।
फिलहाल बिजली विभाग की शिकायत पर मझौलिया थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। अब जांच के बाद ही साफ होगा कि यह सिर्फ चोरी का मामला है या फिर इसके पीछे किसी बड़े गिरोह और विभागीय लापरवाही की भूमिका भी शामिल है। फिलहाल इस घटना ने बिजली विभाग की निगरानी व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।








