मगध विश्वविद्यालय, बोधगया ने अनुशासनहीनता और कथित अभद्र व्यवहार के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए गया कॉलेज के संस्कृत विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. शिवजी पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह कार्रवाई संस्कृत विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. संगीता आर्या के साथ कथित अभद्र एवं अमर्यादित व्यवहार की शिकायत की जांच के बाद की गई है। इस फैसले के बाद विश्वविद्यालय परिसर और शैक्षणिक जगत में इस मामले की व्यापक चर्चा हो रही है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया था। समिति ने मामले की विस्तृत जांच कर संबंधित पक्षों के बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंपी। जांच समिति की अनुशंसा पर विचार करने के बाद कुलपति ने डॉ. शिवजी पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया। विश्वविद्यालय के कुलसचिव द्वारा जारी कार्यालय आदेश में कहा गया है कि निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन-यापन भत्ता (Subsistence Allowance) प्रदान किया जाएगा।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अनुभव प्रमाण-पत्र से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन पूरा होने के बाद ही वेतन भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा निलंबन अवधि के दौरान डॉ. शिवजी पाण्डेय का मुख्यालय एएनएस कॉलेज, नवीनगर निर्धारित किया गया है। उन्हें निलंबन अवधि में वहीं नियमित रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी तथा विश्वविद्यालय के सभी निर्देशों का पालन करना होगा।
मगध विश्वविद्यालय की ओर से जारी यह आदेश 3 जुलाई 2026 से प्रभावी माना गया है। आदेश की प्रतिलिपि संबंधित अधिकारियों, गया कॉलेज प्रशासन तथा अन्य संबंधित महाविद्यालयों को भी भेज दी गई है ताकि आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जा सके। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि संस्थान में अनुशासन और गरिमापूर्ण शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या अमर्यादित आचरण के मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।






