भागलपुर। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रविवार को भागलपुर दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने जिले के विकास को गति देने वाली 302 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 84 विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासनिक महकमे में पूरे दिन हलचल बनी रही। कार्यक्रम स्थल पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की उपस्थिति रही।

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने सबसे पहले विभिन्न विभागों की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसके बाद उन्होंने विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से पर बनाए जा रहे बेली ब्रिज का निरीक्षण किया तथा निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी संबंधित अधिकारियों से ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्य में तेजी लाने और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश भी दिए।

निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री समीक्षा भवन पहुंचे, जहां उन्होंने जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में विकास योजनाओं की प्रगति, आधारभूत संरचना, यातायात व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि विक्रमशिला सेतु के निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है और आगामी 30 नवंबर तक पुल का सुपर स्ट्रक्चर तैयार कर लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा होगा और 30 नवंबर को वे स्वयं भागलपुर पहुंचकर सेतु का उद्घाटन करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक बेली ब्रिज पूरी तरह चालू नहीं हो जाता और लोगों को गंगा नदी पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है, तब तक बिहार सरकार की ओर से निःशुल्क नाव सेवा जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि आम जनता की सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी नागरिक को आवागमन में परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान की गई घोषणाओं और विकास योजनाओं के उद्घाटन-शिलान्यास से जिले के लोगों में नई उम्मीद जगी है। विशेष रूप से विक्रमशिला सेतु को लेकर दिए गए आश्वासन को लोगों ने राहत भरा बताया है।
सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री, बिहार