पटना: आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव तीन दिवसीय बिहार दौरे पर पटना पहुंच गए हैं। शुक्रवार शाम राजधानी पहुंचने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुख्यमंत्री आवास पर मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने इस भेंट को आत्मीय और सार्थक बताते हुए कहा कि बिहार की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण से जुड़े कई विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई।
बैठक में ईशा फाउंडेशन द्वारा बिहार में संचालित सामाजिक परियोजनाओं और भविष्य की योजनाओं पर भी विस्तार से बातचीत हुई। माना जा रहा है कि राज्य में पर्यावरण संरक्षण, आध्यात्मिक जागरूकता और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
दौरे का सबसे प्रमुख कार्यक्रम शनिवार, 27 जून की शाम बापू सभागार में आयोजित होने वाला ‘एन इवनिंग विद सद्गुरु’ है। यह सार्वजनिक सत्संग शाम 6:30 बजे शुरू होगा। आयोजकों ने प्रतिभागियों से शाम 6 बजे तक सभागार पहुंचने की अपील की है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है और इसके लिए पूर्व पंजीकरण की व्यवस्था की गई है।
ईशा फाउंडेशन के प्रतिनिधियों के अनुसार, यह बिहार में सद्गुरु का पहला सार्वजनिक कार्यक्रम होगा। सत्संग के दौरान वे आधुनिक जीवन की चुनौतियों, मानसिक संतुलन, योग, आंतरिक विकास, आध्यात्मिकता और भारतीय ज्ञान परंपरा पर अपने विचार साझा करेंगे। कार्यक्रम में 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों को प्रवेश दिया जाएगा तथा हिंदी अनुवाद की भी व्यवस्था रहेगी।
28 जून को सद्गुरु ईशा फाउंडेशन की विभिन्न सामाजिक परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। इनमें पटना के बांसघाट श्मशान घाट के आधुनिकीकरण और प्रबंधन से जुड़े कार्य भी शामिल हैं। इसके अलावा वे स्वयंसेवकों और स्थानीय प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे।
सद्गुरु का यह दौरा सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि बिहार सरकार और ईशा फाउंडेशन के बीच जनकल्याण से जुड़ी कई पहलों पर सहयोग को नई दिशा मिल सकती है। बौद्ध, जैन और वैदिक परंपराओं की समृद्ध विरासत वाली बिहार की धरती पर सद्गुरु का यह पहला सार्वजनिक दौरा विशेष महत्व रखता है।






