मुजफ्फरपुर की शाही लीची फिर पहुंची दिल्ली, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री को भेजी गई खास खेप
मुजफ्फरपुर की विश्व प्रसिद्ध शाही लीची एक बार फिर देश के सर्वोच्च नेताओं तक पहुंचने जा रही है। अपनी अनोखी मिठास, बेहतरीन स्वाद और खास गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध शाही लीची को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लिए दिल्ली रवाना किया गया है। विशेष रेफ्रिजरेटेड (कोल्ड चेन) वैन के माध्यम से भेजी गई यह लीची 1 जून तक दिल्ली पहुंचने की संभावना है।
इस बार करीब 2000 कार्टन शाही लीची वैज्ञानिक निगरानी में तैयार कर पैक किए गए हैं, ताकि उसकी ताजगी और गुणवत्ता बनी रहे। मुजफ्फरपुर की शाही लीची अपने पतले छिलके, छोटे बीज, अधिक गूदे और प्राकृतिक मिठास के कारण देश-विदेश में खास पहचान रखती है। यही वजह है कि हर वर्ष राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री आवास और केंद्रीय मंत्रियों के लिए विशेष रूप से इसका चयन किया जाता है।
दिल्ली भेजी जाने वाली लीची की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सालभर विशेष देखभाल की जाती है। जिन बागानों से लीची का चयन होता है, वहां लीची अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक नियमित रूप से निरीक्षण करते हैं। खेत की जुताई, सिंचाई, उर्वरक, दवा छिड़काव और अन्य कृषि कार्य वैज्ञानिक सलाह के अनुसार किए जाते हैं। सीजन शुरू होने के बाद जिलाधिकारी के नेतृत्व में गठित टीम भी बागानों की निगरानी करती है और फल के शुगर स्तर तथा पकने की स्थिति की जांच के बाद ही तुड़ाई की अनुमति देती है।
मुजफ्फरपुर के उद्यमी एवं बागान मालिक आलोक केडिया ने बताया कि उनके मुसहरी, सरैया, मंगरा और ढोली स्थित बागानों से पिछले दस वर्षों से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के लिए शाही लीची भेजी जा रही है। लीची को पूरी तरह पकने के बाद सावधानीपूर्वक तोड़ा जाता है और पैक हाउस में छंटाई, सफाई तथा विशेष पैकेजिंग की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
पैकिंग कार्य से जुड़े अरुण कुमार के अनुसार, 50 से अधिक कारीगर इस विशेष कार्य में लगे हैं। आकर्षक डिजाइन वाले कार्टनों पर “सहप्रेम भेंट” अंकित किया गया है। जीआई टैग प्राप्त होने के बाद मुजफ्फरपुर की शाही लीची की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत हुई है, जिससे स्थानीय किसानों और जिले का गौरव लगातार बढ़ रहा है।