बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में पूछे गए सवाल को लेकर चर्चा में आ गए हैं। बताया जा रहा है कि पत्रकारों से बातचीत के दौरान राज्य में हाल ही में हुए एक कथित एनकाउंटर को लेकर सवाल पूछे जाने पर मंत्री असहज नजर आए और उन्होंने इस विषय पर चर्चा करने से परहेज किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही पत्रकार ने एनकाउंटर से जुड़ा सवाल पूछा, मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने बीच में ही रोकते हुए कहा, “ये सब मत पूछिए।” इसके बाद माहौल कुछ देर के लिए असहज हो गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच इस प्रतिक्रिया को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
मौके पर मौजूद कुछ लोगों का दावा है कि सवाल पूछे जाने के बाद कैमरा बंद कराने और रिकॉर्ड किए गए वीडियो को हटवाने की भी कोशिश की गई। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। वायरल हो रहे वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के दावों के आधार पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी इसको लेकर बहस तेज हो गई है। विपक्षी दलों के नेताओं और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने मंत्री की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को सार्वजनिक मुद्दों पर पूछे गए सवालों का जवाब देने के लिए तैयार रहना चाहिए। कई लोगों ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक जवाबदेही से भी जोड़कर देखा है।
वहीं मंत्री कुमार शैलेन्द्र या उनके कार्यालय की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में वीडियो डिलीट कराने या कैमरा बंद कराने की चर्चाओं की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
अब सभी की नजर मंत्री के आधिकारिक पक्ष पर टिकी है। उनके बयान या स्पष्टीकरण के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।





