भाई प्रिंस यादव की श्रद्धांजलि सभा संपन्न होने के बाद ज्ञान बिंदु कोचिंग के संस्थापक रोशन आनंद एक नए संकल्प और संघर्ष के साथ आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। एक ओर भाई को खोने का दर्द है तो दूसरी ओर न्याय की लड़ाई को अंतिम मुकाम तक पहुंचाने का दृढ़ निश्चय। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रिंस यादव को इंसाफ दिलाना अब उनका सबसे बड़ा उद्देश्य है और यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
हमारे संवाददाता से विशेष बातचीत में रोशन आनंद ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है। उन्होंने कहा कि यदि व्यवस्था न्याय देने में विफल रहती है तो भी अदालतों से उन्हें उम्मीद है। उन्होंने कहा, “सत्य को ज्यादा दिनों तक दबाया नहीं जा सकता। देर हो सकती है, लेकिन न्याय अवश्य मिलेगा।”
रोशन आनंद ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों और जेल भेजे जाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में जिस प्रकार की राजनीति की जा रही है, वह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने विरोधियों को नसीहत देते हुए कहा कि राजनीतिक लड़ाई अपनी जगह है, लेकिन शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र को इससे दूर रखा जाना चाहिए, क्योंकि इसका सीधा असर हजारों छात्रों के भविष्य पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि जल्द ही वह फिर से छात्रों के बीच लौटेंगे और पहले की तरह शिक्षा के मिशन को आगे बढ़ाएंगे। फिलहाल उन्होंने छात्रों से सेल्फ स्टडी पर ध्यान देने और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने की अपील की।
इस दौरान रोशन आनंद ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि सहरसा में ज्ञान बिंदु कोचिंग की नई शाखा खोली जाएगी। उन्होंने बताया कि यह उनके दिवंगत भाई प्रिंस यादव का सपना था कि कोसी और सीमांचल क्षेत्र के गरीब एवं प्रतिभाशाली बच्चों को भी बेहतर शिक्षा का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि इस सपने को साकार करना ही प्रिंस यादव के प्रति उनकी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
सफल छात्रों को संदेश देते हुए रोशन आनंद ने कहा कि वे अब व्यवस्था का हिस्सा बनने जा रहे हैं। ऐसे में ईमानदारी, पारदर्शिता और सच्चाई को अपने जीवन का आधार बनाएं। उन्होंने कहा कि सही रास्ते पर चलने वाले लोगों को देर-सबेर सफलता अवश्य मिलती है।






