पटना: बिहार की राजनीति में अति पिछड़ा वर्ग एक महत्वपूर्ण वोट बैंक माना जाता है और इसी कड़ी में राजधानी पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में अति पिछड़ा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम अति पिछड़ा समाज से आने वाले बिहार सरकार के मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी के सम्मान में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। समारोह में बड़ी संख्या में अति पिछड़ा समाज के लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अति पिछड़ा समाज को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वह 36 प्रतिशत अति पिछड़ों के अंगरक्षक हैं और उनके अधिकारों पर किसी भी प्रकार की आंच नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार अति पिछड़ा वर्ग के हितों की रक्षा और उनके विकास के लिए लगातार काम कर रही है। शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सम्मान के क्षेत्र में इस वर्ग को प्राथमिकता दी जा रही है।
सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा समाज के अंतिम व्यक्ति के विकास की चिंता करते हैं। उनका मानना है कि जब अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति का विकास होगा, तभी देश आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक वह जनता के साथ हैं, तब तक कोई भी अति पिछड़ों का नुकसान नहीं कर सकता।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में अपराध के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और संगीन अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। उन्होंने प्रशासनिक जवाबदेही पर भी जोर देते हुए कहा कि यदि किसी कर्मचारी ने 30 दिनों के भीतर जनता का काम नहीं किया तो 31वें दिन उसके निलंबन का पत्र जारी कर दिया जाएगा।
नीट परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने दावा किया कि परीक्षा बेहतर तरीके से संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी करने वालों की पहचान कर उन्हें जेल भेजा गया है। वहीं राजनीतिक हमला करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की तुलना में भाजपा में अति पिछड़ा वर्ग के अधिक विधायक हैं, जो इस वर्ग के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।






