बोकारो के कोऑपरेटिव कॉलोनी स्थित एक निजी अस्पताल में मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही और अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाया है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया और परिजनों ने न्याय की मांग की।
जानकारी के अनुसार गामा यादव को बेचैनी और बुखार की शिकायत के बाद कोऑपरेटिव कॉलोनी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान शनिवार सुबह उनकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मियों ने मरीज के हाथ-पैर बांधकर बेड पर रखा था। परिजनों का कहना है कि मरीज को लगातार चार बार नींद का इंजेक्शन दिया गया, जिसके कारण उनकी हालत बिगड़ती चली गई और अंततः उनकी मौत हो गई।
मृतक के पुत्र सूरज यादव ने आरोप लगाया कि उनके पिता की मौत हो जाने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें ड्रिप और अन्य मेडिकल लाइन लगाकर रखा था। उन्होंने कहा कि अस्पताल की ओर से समय पर मौत की जानकारी भी नहीं दी गई, जिससे परिजनों में आक्रोश फैल गया।
वहीं दूसरी ओर अस्पताल संचालक अमित कुमार सिंह ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए भर्ती के समय ही चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए किसी बड़े अस्पताल में रेफर करने की सलाह दी थी। लेकिन परिजनों ने मरीज को सुबह ले जाने की बात कहते हुए अस्पताल में ही रखने का निर्णय लिया था।
अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई और चिकित्सकीय प्रक्रिया के तहत ही मरीज का उपचार किया जा रहा था। हालांकि मरीज की मौत के बाद परिजनों और अस्पताल प्रशासन के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई है।
फिलहाल मामले को लेकर जांच और कार्रवाई की मांग उठ रही है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जुटी रही और माहौल काफी देर तक गर्म बना रहा।संवाददाता : संतोष कुमार, बोकारो