बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण सह ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच मंगलवार को पटना स्थित लोक सेवक आवास के संकल्प सभागार में उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में कृषि, ग्रामीण विकास, किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण आधारभूत संरचना को मजबूत करने तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय बिहार के विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। उन्होंने बताया कि मनरेगा की सभी लंबित राशि का भुगतान 30 जून से पहले केंद्र सरकार के सहयोग से सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाली महत्वाकांक्षी वीबीजीआरएएमजी (VBGRAMG) योजना को आगामी 1 जुलाई से पूरी तरह लागू किया जाएगा।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत राज्य में आवास निर्माण की प्रक्रिया तेज करने पर भी सहमति बनी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में बड़ी संख्या में पात्र परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम किया जाएगा।
कृषि क्षेत्र में नवाचार और उत्पादकता बढ़ाने के लिए राज्य में प्याज, टमाटर, आम सहित विभिन्न कृषि उत्पादों के लिए ‘आदर्श केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे। किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए बिहार के फलों और कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने की योजना पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने बिहार कृषि रोडमैप की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब एकीकृत खेती को बढ़ावा देकर बिहार को कृषि क्षेत्र में मॉडल राज्य के रूप में विकसित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जीविका दीदियों को ‘लखपति दीदी’ बनाने के अभियान में बिहार देश में प्रथम स्थान पर है और राज्य सरकार इस अभियान को और गति देगी। सरस मेलों के आयोजन और ग्रामीण महिलाओं की आजीविका सशक्त करने में केंद्र सरकार के सहयोग की भी चर्चा हुई।
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री की बातों से सहमति जताते हुए भरोसा दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में बिहार को केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिलता रहेगा।





