पटना: बिहार में मानसून अवधि के दौरान आज से 15 अक्टूबर तक बालू खनन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। साथ ही राज्य से बाहर बालू भेजने पर भी प्रतिबंध रहेगा। यह फैसला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के निर्देश के तहत लिया गया है। इस दौरान राज्य के सभी नदी घाटों पर बालू खनन का कार्य बंद रहेगा।
खान एवं भूतत्व विभाग के निदेशक मनेश कुमार मीणा ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को आदेश का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया है। विभाग ने थाना स्तर तक निगरानी बढ़ाने, नियमित गश्ती और छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं ताकि अवैध खनन और परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
विभाग के अनुसार मानसून के दौरान लोगों को बालू की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए नदी घाटों के आसपास करीब 35 लाख क्यूबिक फीट (सीएफटी) बालू का भंडारण पहले से कर लिया गया है। भंडारित बालू की बिक्री के लिए लाइसेंस भी जारी किए गए हैं और इसकी निगरानी लगातार की जाएगी।
खान एवं भूतत्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि मानसून अवधि में दूसरे राज्यों के लिए किसी भी प्रकार का ई-चालान जारी नहीं किया जाएगा। इसके लिए विभाग का क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप लगातार नजर रखेगा। अधिकारियों को अवैध खनन और गैरकानूनी परिवहन के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
दरअसल, हर वर्ष मानसून के दौरान NGT पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए बालू खनन पर रोक लगाने का निर्देश देता है। बारिश के मौसम में नदियों का जलस्तर बढ़ जाने से खनन कार्य जोखिमपूर्ण हो जाता है और इससे नदी तंत्र तथा पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। इसी वजह से लगभग चार महीने तक खनन गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया जाता है।
राज्य सरकार का दावा है कि पर्याप्त मात्रा में बालू का भंडारण पहले ही सुनिश्चित कर लिया गया है, जिससे निर्माण कार्यों और आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। वहीं प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि प्रतिबंध अवधि में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।





