बिहार के जमुई जिले से न्याय व्यवस्था से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। अपने ही दोस्त की गोली मारकर हत्या करने के मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ प्रभात कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर उन्हें अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।
सजा पाने वालों में मोहम्मद संजर, मोहम्मद अब्दुल्लाह, मोहम्मद आमिर और मोहम्मद आमिर उर्फ गोरु शामिल हैं। अदालत ने मोहम्मद संजर को आर्म्स एक्ट के मामले में भी अलग से सजा सुनाई है। सभी दोषियों की उम्र घटना के समय 22 से 28 वर्ष के बीच थी।
अभियोजन के अनुसार, 8 जनवरी 2023 की शाम चारों आरोपी अपने दोस्त मोहम्मद शादाब आलम उर्फ गुड्डू को उसके घर से अपने साथ लेकर निकले थे। आरोप है कि जमुई शहर के आजाद नगर स्थित महिसौडी चौक के पास नगर परिषद वार्ड काउंसलर डीसू मियां के घर के समीप उन्होंने शादाब को गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
इस मामले में मृतक के भाई मोहम्मद सरफराज आलम के बयान पर जमुई थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उन्होंने बताया था कि घटना से पहले उन्होंने अपने भाई को 50 हजार रुपये सुरक्षित रखने के लिए दिए थे। कुछ देर बाद चारों आरोपी शादाब को अपने साथ ले गए और शाम करीब सात बजे हत्या की सूचना मिली। घटनास्थल पर पहुंचने पर शादाब का शव सड़क पर पड़ा मिला।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक धीरज कुमार और अपर लोक अभियोजक मोहम्मद ताहिर अंसारी ने मजबूत साक्ष्य और गवाह अदालत के समक्ष पेश किए। वहीं बचाव पक्ष की ओर से भी अपने मुवक्किलों के पक्ष में दलीलें दी गईं। दोनों पक्षों की जिरह और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और आर्थिक दंड की सजा सुनाई। उल्लेखनीय है कि मृतक मोहम्मद शादाब आलम ने वर्ष 2023 में नगर परिषद वार्ड पार्षद का चुनाव भी लड़ा था।





