मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में मद्यनिषेध सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले एक बड़े सॉल्वर गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। ब्लूटूथ, माइक्रोफोन और वॉकी-टॉकी जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से परीक्षा में कदाचार कराने की कोशिश कर रहे चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें दो परीक्षार्थी और दो कथित सॉल्वर शामिल हैं।
सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने प्रेस वार्ता में बताया कि जिले के 22 परीक्षा केंद्रों पर केंद्रीय चयन पर्षद द्वारा मद्यनिषेध सिपाही, कक्षपाल एवं चलंत सिपाही पदों की लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। इसी दौरान मिठनपुरा स्थित चैपमैन बालिका उच्च विद्यालय केंद्र पर एक परीक्षार्थी की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं।
जांच के दौरान परीक्षार्थी पंकज यादव के पास से ब्लूटूथ डिवाइस और माइक्रोफोन बरामद किया गया। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने दूसरे परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद प्रकाश कुमार को गिरफ्तार किया, जिसके पास से वॉकी-टॉकी समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद लोग इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से प्रश्नों के उत्तर परीक्षार्थियों तक पहुंचा रहे थे। दोनों आरोपियों की निशानदेही पर विशेष टीम ने पटना में छापेमारी कर संजय कुमार सिंह उर्फ रंजन सिंह और पवन कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संजय कुमार सिंह और उसके साथी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सेटिंग कर अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाने का काम करते थे। मुजफ्फरपुर परीक्षा केंद्र पर भी माइक्रोफोन और वॉकी-टॉकी के जरिए नकल कराने की पूरी साजिश रची गई थी। पूछताछ में यह भी पता चला कि इस फर्जीवाड़े के लिए करीब 10 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था।
सिटी एसपी अंसारी ने बताया कि परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद ब्लूटूथ डिवाइस से आवाज सुनाई देने पर संदेह हुआ। तलाशी लेने पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई की गई। केंद्राधीक्षक के आवेदन पर मिठनपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह पहले किन-किन परीक्षाओं में सक्रिय रहा है। अन्य आरोपियों की तलाश में पटना समेत कई स्थानों पर छापेमारी जारी है।





