नेपाल से गांव पहुंचा प्रिंस यादव का पार्थिव शरीर, परिजनों ने संदिग्ध मौत की उच्चस्तरीय जांच की उठाई मांग

नेपाल के विराटनगर में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई प्रिंस यादव की मौत के बाद उनका पार्थिव शरीर रविवार को उनके पैतृक गांव धामसेना पहुंच गया। शव के गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों के बीच कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण, शुभचिंतक और परिचित अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।

 

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प्रिंस यादव, ज्ञान बिंदु अकैडमी के संस्थापक रोशन आनंद के भाई थे। हाल के दिनों में रोशन आनंद और खान सर के बीच हुए विवाद को लेकर उनका नाम भी चर्चाओं में रहा था। बताया जा रहा है कि इसी सिलसिले में वह नेपाल के विराटनगर पहुंचे थे, जहां उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का अब तक आधिकारिक खुलासा नहीं हो पाया है।

 

परिजनों और रोशन आनंद के सहयोगियों द्वारा प्रिंस यादव के पार्थिव शरीर को नेपाल से लाकर गांव धामसेना पहुंचाया गया। इस दौरान परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था।

 

शिक्षक एस.के. झा ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे एक व्यक्ति की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस घटना के बाद यह पूरा विवाद शुरू हुआ, उसे उन्होंने स्वयं देखा था और अब इस मौत की सच्चाई सामने आनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

 

वहीं सामाजिक कार्यकर्ता अमर यादव ने इसे अत्यंत दुखद और हृदयविदारक घटना बताते हुए कहा कि परिवार पूरी तरह टूट चुका है। उन्होंने केंद्र सरकार से नेपाल सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। साथ ही कहा कि यदि किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

 

फिलहाल परिवार और ग्रामीण प्रशासनिक जांच का इंतजार कर रहे हैं ताकि प्रिंस यादव की मौत की असली वजह सामने आ सके।संवाददाता : इन्द्रदेव, सहरसा

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