नेशनल हाईवे बना धान का खेत! बक्सर के डुमरांव में जलजमाव के विरोध में युवाओं ने सड़क पर की धान की रोपनी


बिहार के बक्सर जिले के डुमरांव से एक अनोखी तस्वीर सामने आई है, जिसने विकास के दावों और जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां नेशनल हाईवे-120 पर लंबे समय से बने जलजमाव से परेशान स्थानीय युवाओं ने विरोध का अनूठा तरीका अपनाते हुए सड़क पर ही धान की रोपनी कर दी। यह दृश्य अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
डुमरांव शहर के राज हाई स्कूल के सामने से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-120 की हालत इन दिनों बेहद खराब है। सड़क पर इतना पानी जमा है कि पहली नजर में यह किसी तालाब या झील जैसा दिखाई देता है। जलजमाव और गड्ढों के कारण राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाइक और अन्य वाहन चालकों को जोखिम उठाकर इस रास्ते से गुजरना पड़ता है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई महीनों से सड़क की यही स्थिति बनी हुई है, लेकिन समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी नाराजगी के बीच कुछ युवा किसानों ने जलमग्न सड़क को ही खेत मानते हुए वहां धान के पौधे रोप दिए। देखते ही देखते हाईवे का एक हिस्सा धान के खेत जैसा नजर आने लगा।

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इस अनोखे विरोध को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। राहगीरों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान विकास और बेहतर सड़कों के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि लोग इस सड़क को व्यंग्य में “विकास वाली झील” कहने लगे हैं।

स्थानीय मजदूर निरंजन राम का कहना है कि नेशनल हाईवे की यह बदहाल स्थिति प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता को दर्शाती है। लोगों का सवाल है कि आखिर इस समस्या का स्थायी समाधान कब होगा।
सड़क पर धान की रोपनी केवल एक प्रतीकात्मक विरोध नहीं, बल्कि व्यवस्था से जवाब मांगती जनता की नाराजगी का संदेश है। अब देखना होगा कि इस अनोखे प्रदर्शन के बाद जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि इस समस्या की ओर ध्यान देते हैं या नहीं।

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