सीवान में पुलिस ने लूट और साइबर ठगी की बड़ी साजिश का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार सभी आरोपी धनतेरस के मौके पर हथियार के बल पर बड़ी लूट की वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। गुप्त सूचना के आधार पर नगर थाना पुलिस ने लक्ष्मीपुर काली मंदिर के समीप स्थित धर्मनिवास लॉज के तीसरे तल पर कमरा नंबर 33 में छापेमारी कर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसकी जानकारी सदर एसडीपीओ प्रांजल ने प्रेसवार्ता कर दी।
पुलिस के अनुसार, सूचना मिली थी कि लॉज के कमरे में कुछ अपराधी हथियार के साथ जुटे हैं और धनतेरस पर लूट की घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने तत्काल छापेमारी की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नितेश कुमार यादव, रिकेश कुमार यादव, जन्नत हुसैन, पवन कुमार चौहान और अभिषेक कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। सभी सीवान जिले के नौतन थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं।
तलाशी के दौरान पुलिस ने एक देसी पिस्टल, छह जिंदा कारतूस, चार बैंक पासबुक, आठ एटीएम कार्ड, एक लैपटॉप, प्रिंटर, फिंगरप्रिंट स्कैनर, की-बोर्ड, माउस और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पूछताछ में साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अहम खुलासे भी हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी रिकेश कुमार यादव पहले सीएसपी संचालित करता था। आरोप है कि वह भोले-भाले लोगों को झांसे में लेकर उनके नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाता था। इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी की रकम मंगाने और लूट की वारदातों से जुड़े पैसे जमा करने में किया जाता था। इस काम में पवन कुमार चौहान भी सहयोग करता था।
वहीं, जिरादेई थाना क्षेत्र में 7 अक्टूबर को सीएसपी संचालक से हुई लूट के मामले में भी पुलिस को सफलता मिली है। गिरफ्तार नितेश कुमार यादव ने इस घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस ने लूट से संबंधित 30 हजार रुपये भी बरामद किए हैं।
नगर थाना पुलिस, जिरादेई पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने और अब तक की गई वारदातों का पता लगाने में जुटी है।






