बिहार के गया स्थित रामशिला मंदिर में इस बार भीषण गर्मी को देखते हुए भगवान के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। मंदिर में पहली बार भक्तों के सहयोग से एसी और कूलर लगाए गए हैं, ताकि देवी-देवताओं को गर्मी से राहत मिल सके। गया में इन दिनों तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है।
मंदिर प्रबंधन के अनुसार पहले यहां केवल हाथ के पंखे और सामान्य पंखों का उपयोग होता था, लेकिन इस बार श्रद्धालुओं ने दान देकर आधुनिक व्यवस्था कराई है। मंदिर में 24 घंटे एसी, कूलर और पंखे चलाए जा रहे हैं। भगवान को ठंडे फलों का भोग भी लगाया जा रहा है। भक्तों का कहना है कि भगवान भी परिवार के सदस्य की तरह हैं और उनकी सेवा ही सच्ची भक्ति है।
रामशिला मंदिर का धार्मिक महत्व भी बेहद खास माना जाता है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम अपने परिवार के साथ यहां आए थे और पिंडदान किया था। मंदिर परिसर और पहाड़ी क्षेत्र में आज भी उनके चरणचिह्न मौजूद होने की बात कही जाती है।
मंदिर में स्थापित स्फटिक शिवलिंग को देश का तीसरा प्रमुख स्फटिक शिवलिंग माना जाता है। श्रद्धालुओं के अनुसार कपूर जलाने के बाद इसमें भगवान शिव, माता पार्वती और वासुकी नाग के स्वरूप दिखाई देते हैं। यह शिवलिंग मन्नतें पूरी करने वाला माना जाता है और इसके पूजन से कालसर्प दोष तथा ग्रह बाधाओं से मुक्ति मिलने की मान्यता है।
मंदिर परिसर में मूंगा पत्थर से बनी करीब पांच फीट ऊंची गणेश जी की दुर्लभ प्रतिमा भी स्थापित है। माना जाता है कि देश में इतनी बड़ी मूंगा गणेश प्रतिमा कहीं और नहीं है। भक्तों की मान्यता है कि मूंगा पत्थर होने के कारण गणेश जी को अधिक गर्मी लगती है, इसलिए उनके लिए अलग से कूलर लगाया गया है।
मंदिर के पुजारी लखन कुमार पांडे के अनुसार, यह व्यवस्था भक्तों की आस्था और भगवान के प्रति प्रेम का प्रतीक है। हर साल यहां देशभर से हजारों श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।