प्रधानमंत्री आवास योजना भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है जिसके माध्यम से नगरों व ग्रामीण इलाकों में रहने वाले निर्धन लोगों को उनकी कार्यशक्ति के अनुकूल घर प्रदान किए जाएंगे.

बता दे, सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्रामीण योजना, ग्रामीण प्रधानमंत्री आवास योजना,  ग्रामीण संचालित योजना है.  जिसका शुभारम्भ 25 जून, 2015 को हुआ.  इस योजना का उद्देश्य 2022 तक सभी को घर उपलब्ध कराना है. जिसके लिए सरकार 20 लाख घरों का निर्माण करवाएगी, जिनमें से 1800000 घर की झोपड़ी वाले इलाकों में जबकि बाकी 200000 शहरों के गरीब इलाकों में किया जाएगा.

सरकार ने इस योजना को 3 फेज’ में विभाजित किया है-

पहला फेज अप्रैल 2015 को शुरू किया था और जिसे मार्च 2017 में समाप्त कर दिया गया है. जिसके अंतर्गत 100 से भी अधिक शहरों में घरो का निर्माण हुआ है.
दूसरा फेज अप्रैल 2017 से शुरू हुआ है जो मार्च 2019 में पूरा हुआ इसमें सरकार ने 200 से ज्यादा शहरों में मकान बनाने का लक्ष्य रखा था. वहीं तीसरा फेज अप्रैल 2019 में शुरू किया गया और मार्च 2022 में बाकि बचे लक्ष्य को पूरा करना लक्ष्य था.

क्या है प्रधानमंत्री आवास योजना की विशेषताएं

बता दे इस योजना के तहत मिलने वाली राशि और सब्सिडी राशि डायरेक्ट उम्मीदवार के बैंक खाते में आएगी जो कि आधार कार्ड से लिंक होगा जिससे कि उसे इसका सम्पूर्ण फायदा मिल सके. प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले पक्के मकान 25 स्क्वायर मीटर (लगभग 270 स्कार फिट) के होंगे जो की पहले से बढ़ा दिए गए है. पहले इनका आकर 20 स्क्वायर मीटर (लगभग 215 स्कार फिट) तय किया गया था.

वहीं इस योजना में लगने वाला खर्चा केंद्र सरकार और राज्य सरकार के द्वारा मिलकर किया जायेगा. मैदानी क्षेत्रोँ में इस शेयर की जाने वाली राशि का अनुपात 60:40 होगा वहीं उत्तर-पूर्व और हिमालय वाले तीन राज्यों जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में यह अनुपात 90:10 होगा. विदित हो, प्रधान मंत्री आवास योजना को स्वच्छ भारत योजना से भी जोड़ा गया है इसके अंतर्गत बनने वाले शौचालयो के लिए स्वच्छ भारत योजना के तहत 12,000 रूपए अलग से आवंटित किये जायेंगे.

इस योजना के तहत यदि लाभार्थी चाहे तो 70 हजार रुपए का लोन भी ले सकता है, जो की बिना ब्याज का होगा जिस क़िस्त रूप में पुनः भरना होगा जो की उसे विभिन्न फाइनेंसियल इंस्टिट्यूट से अप्लाई करके लेना होगा. वहीं शहरी क्रम में उम्मीदवार 70,000 से अधिक लोन ले सकता है, जो की बहुत ही काम ब्याज दरों पर उपलब्ध होगा. लोन केटेगरी LIG, HIG, MIG केटेगरी के हिसाब से मिलेगी.

साथ ही लाभार्थी को संपूर्ण सुविधा जैसे टॉयलेट, पीने का पानी, बिजली, सफाई खाना बनाने के लिए धुआ रहित ईंधन, सोशल और तरल अपशिष्टो से निपटने के लिए इस योजना को अन्य योजनाओं से जोड़ा भी गया है.
प्रधान मंत्री आवास योजना को पहले इंदिरा आवास योजना के नाम से भी जाना जाता था.

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