धनबाद। न्याय की चौखट पर जब किसी मामले की सुनवाई जारी हो, तब उससे जुड़ी कार्रवाई कई सवाल खड़े कर देती है। धनबाद में कुबेर होटल की बाउंड्री वॉल तोड़े जाने के बाद ऐसा ही विवाद गहराता नजर आ रहा है। होटल संचालक की शिकायत के बाद अब बार एसोसिएशन भी उनके समर्थन में उतर आया है। एसोसिएशन ने जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मामले में न्यायसंगत कार्रवाई की मांग की है।
कुबेर होटल की बाउंड्री वॉल तोड़े जाने के विरोध में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधेश्याम गोस्वामी समेत दर्जनों अधिवक्ताओं ने बैठक की। इस दौरान होटल संचालक कुबेर सिंह के प्रति सहानुभूति जताते हुए उनके पक्ष में आवाज उठाई गई। अधिवक्ताओं का कहना है कि जब बाउंड्री वॉल से संबंधित मामला पहले से न्यायालय में विचाराधीन है, तो प्रशासन को न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत ही कार्रवाई करनी चाहिए।
होटल संचालक कुबेर सिंह ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन की ओर से बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के अचानक उनकी होटल की बाउंड्री वॉल तोड़ दी गई। उनके मुताबिक, इस कार्रवाई से 10 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि करीब 40 वर्षों से होटल संचालित हो रहा है और बाउंड्री वॉल को लेकर विवाद न्यायालय में लंबित है। उन्होंने पूरे मामले में न्याय की मांग की है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधेश्याम गोस्वामी ने कहा कि पूरा एसोसिएशन कुबेर सिंह के साथ खड़ा है। उन्होंने कार्रवाई के समय पर सवाल उठाते हुए बताया कि एक दिन पहले शाम को सदर अंचल अधिकारी कुबेर होटल पहुंचे थे और वहां चाय भी पी थी। इसके बाद अचानक बाउंड्री वॉल तोड़ने की कार्रवाई क्यों की गई, यह जांच का विषय है।
अधिवक्ताओं ने कहा कि किसी भी विवाद में कानून और निर्धारित प्रक्रिया का पालन जरूरी है। वहीं, मामले में जिला प्रशासन का आधिकारिक पक्ष और कार्रवाई के पीछे के कारण सामने आना बाकी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस विवाद पर क्या स्पष्टीकरण देता है और आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
लोकेशन: धनबाद, झारखंड







