शारदीय नवरात्र को लेकर पूरे देश में मां दुर्गा की भक्ति और आराधना का माहौल है। मंदिरों से लेकर पूजा पंडालों तक श्रद्धालु मां दुर्गा की उपासना में लीन हैं। इसी कड़ी में पूर्वी चंपारण जिले के पिपरा प्रखंड अंतर्गत सिरसिया में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। सीताकुंड से जल भरकर निकाली गई इस यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। गाजे-बाजे और मां दुर्गा के जयकारों से पूरा इलाका भक्तिमय नजर आया।
शारदीय नवरात्र के अवसर पर पूर्वी चंपारण जिले के सिरसिया में आस्था और भक्ति का अनूठा नजारा देखने को मिला। पिपरा प्रखंड अंतर्गत सिरसिया में सिरसिया दुर्गा पूजा समिति की ओर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा।
दरअसल, रामायण से जुड़ी पौराणिक मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध सीताकुंड से जल लाकर कलश यात्रा निकालने की परंपरा सिरसिया दुर्गा पूजा समिति द्वारा वर्षों से निभाई जा रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी श्रद्धालुओं ने सीताकुंड से जल भरा और विधि-विधान के साथ कलश यात्रा निकाली।
कलश यात्रा में गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और मां दुर्गा के जयकारों के बीच श्रद्धालु आगे बढ़ते नजर आए। महिलाओं और बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। सिर पर कलश लेकर चल रहे श्रद्धालु मां दुर्गा की स्तुति करते रहे। वहीं, भक्तिमय गीतों और जयकारों से पूरा रास्ता गुंजायमान रहा। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था।
इस धार्मिक आयोजन को लेकर क्षेत्र में खासा उत्साह देखने को मिला। सिरसिया दुर्गा पूजा समिति के आयोजक मयंक कुमार कुशवाहा के अनुसार, कलश यात्रा का मुख्य उद्देश्य मां दुर्गा के प्रति आस्था प्रकट करना और क्षेत्र की सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाना है।
कुल मिलाकर, सिरसिया में निकाली गई इस भव्य कलश यात्रा ने शारदीय नवरात्र के उत्साह को और बढ़ा दिया। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की आराधना के साथ धार्मिक परंपरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।






