बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय में पावर हाउस रोड स्थित यशोदा हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में सैकड़ों की संख्या में परिजन और ग्रामीण जुट गए, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर नगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली।
दरअसल, मृतका की पहचान तेघड़ा थाना क्षेत्र के अतरवा निवासी विपिन पासवान की पत्नी मधुरानी देवी, उम्र करीब 30 वर्ष, के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, मधुरानी देवी को अपेंडिक्स के इलाज के लिए यशोदा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। यहां उनका ऑपरेशन किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन अस्पताल पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ हंगामा करते हुए इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया।
परिजनों का कहना है कि महिला का ऑपरेशन आयुष्मान कार्ड के माध्यम से किया गया था। इसके बावजूद अस्पताल के काउंटर पर उनसे 25 से 30 हजार रुपये तक जमा कराए गए। हालांकि, इस भुगतान को लेकर अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी है।
मृतका पांच बच्चों की मां थी। उसकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों को अब बच्चों के पालन-पोषण और उनके भविष्य की चिंता सता रही है।
वहीं, मीडिया कर्मियों ने जब अस्पताल प्रबंधन का पक्ष जानने का प्रयास किया, तो अस्पताल के कंपाउंडर गोपाल कुमार ने बताया कि फिलहाल डॉक्टर अस्पताल में मौजूद नहीं हैं। उनके आने के बाद ही बयान लिया जा सकता है।
इधर, नगर थाने की पुलिस मामले की जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई में जुटी है। फिलहाल, डॉक्टरों पर लगाए गए लापरवाही के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।





