पीरपैंती/भागलपुर। पीरपैंती प्रखंड की परसवन्ना ग्राम पंचायत स्थित स्थानीय बजरंगबली स्थान में जीवित्पुत्रिका व्रत के पारण दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय संतमत सत्संग का आयोजन किया गया। संतमत सत्संग समिति विनोबाटोला की ओर से आयोजित 28वें मासिक सत्संग की अध्यक्षता डॉ. शिवनाथ बाबा ने की, जबकि महर्षि मेँहीँ भागवतधाम शेरमारी पीरपैंती के संस्थापक आचार्य स्वामी भागवतानन्द जी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
बताया गया कि यह मासिक सत्संग सद्गुरु महाराज की सत्प्रेरणा तथा महर्षि संतसेवी परमहंसजी महाराज और महर्षि शाही स्वामीजी महाराज के लिखित आशीर्वचन से वर्ष 1999 से लगातार आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
सत्संग के दौरान मुख्य प्रवक्ता स्वामी भागवतानन्द जी महाराज ने कहा कि जीवात्मा को परमात्मा से मिलाने का मार्ग दिखाने वाले महात्मा ही होते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को सत्संग और भक्ति के माध्यम से आत्मिक शांति एवं कल्याण की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।
साध्वी शीला दीदी ने कहा कि मनुष्य को यह दुर्लभ शरीर ईश्वर का भजन और साधना करने के लिए मिला है। उन्होंने श्रद्धालुओं से नियमित रूप से भगवान का स्मरण करने और सत्संग से जुड़े रहने की अपील की।
अध्यक्ष डॉ. शिवनाथ बाबा ने परसवन्ना शब्द की आध्यात्मिक व्याख्या करते हुए कहा कि इसका अर्थ ‘पारस बना’ है। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य स्वयं पारस यानी संत के गुणों को धारण करेगा, तो उसके संपर्क में आने वाले जीव भी लोहे से सोने की तरह सज्जन बन सकते हैं। सज्जन बनने के बाद मनुष्य का कल्याण स्वाभाविक है।
हरीश बाबा ने कहा कि सत्संग के बिना भगवान के दर्शन संभव नहीं हैं। कार्यक्रम की शुरुआत भजन-कीर्तन, स्तुति-विनती और रामायण पाठ से हुई। इसके बाद माल्यार्पण, प्रवचन और आरती का आयोजन किया गया। अंत में श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में कारु बाबा, कमलेश बाबा, हरिहर मंडल, वासुदेव मंडल, अरुण मंडल, श्रीलाल मंडल, सुरेश मंडल, नागेंद्र मंडल, गुरुदेव मंडल, सुरेश दास, प्रीतम कुमार और हरेराम मंडल सहित अन्य श्रद्धालुओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।






