सहरसा। जिला परिषद स्थित पाठशाला परिसर में शुक्रवार की शाम भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) सहरसा इकाई की ओर से तीन दिवसीय बिहार इप्टा राज्य स्तरीय नाट्योत्सव का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर किया गया। नाट्योत्सव को लेकर कलाकारों और कला प्रेमियों में उत्साह देखने को मिला। उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।
नाट्योत्सव के पहले दिन अलग-अलग जिलों से पहुंची इप्टा की टीमों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों से रूबरू कराया। भागलपुर इप्टा की टीम ने लेखक एवं निर्देशक रीतेश रंजन के नाटक ‘डार्क लाइफ’ का मंचन किया। नाटक के माध्यम से कलाकारों ने जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
इसके बाद मधुबनी इप्टा की टीम ने लेखक डॉ. बजेश कुमार झा और निर्देशक रंजीत राय के नाटक ‘महाभारत एक्सटेंशन’ की प्रस्तुति दी। कलाकारों के अभिनय, संवाद और मंचन को दर्शकों ने खूब सराहा। दोनों नाटकों की प्रस्तुतियों के दौरान दर्शक पूरे समय कार्यक्रम से जुड़े रहे।
नाट्योत्सव के दौरान सहरसा इप्टा की ओर से नृत्य और बिहार गौरव गीत की प्रस्तुति भी दी गई। इसके अलावा सारिका सिंह और वैष्णवी सिंह ने पारंपरिक सामा-चकेवा लोक नृत्य प्रस्तुत कर बिहार की लोक संस्कृति की झलक पेश की। लोक नृत्य की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिया।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रो. तरुण कुमार ने कला और संस्कृति की सामाजिक भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति को सामाजिक न्याय, शिक्षा, लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवीय गरिमा से जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से समाज में जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाने पर भी जोर दिया।
आयोजकों के अनुसार तीन दिवसीय नाट्योत्सव में विभिन्न स्थानों से कलाकार और नाट्य दल हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य रंगमंच और लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने के लिए मंच उपलब्ध कराना है।





