
भागलपुर: बेली ब्रिज बंद होने के बाद भागलपुर और नवगछिया के बीच आवागमन के लिए प्रशासन की ओर से जलमार्ग की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। 1 अक्टूबर की सुबह 6 बजे से मुफ्त फेरी सेवा शुरू हो चुकी है, जो शाम 6 बजे तक चलेगी। बड़े जलयानों के जरिए यात्री अपने सामान के साथ साइकिल और बाइक भी बिना शुल्क नदी पार कर सकेंगे। सुरक्षा कारणों से सामान्य देशी नावों के परिचालन पर रोक लगाई गई है।
बेली ब्रिज बंद होने के बाद यात्रियों की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने बियाडा, बाबूपुर और जाह्नवी गंगा घाट पर विशेष इंतजाम किए हैं। भागलपुर की ओर बियाडा और बाबूपुर घाट से जलयान संचालित किए जा रहे हैं, जबकि नवगछिया की ओर जाह्नवी गंगा घाट मुख्य कनेक्शन रहेगा। यात्रियों के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है, ताकि भीड़ के कारण अव्यवस्था की स्थिति न बने।
बियाडा घाट पर समतलीकरण, वाटरप्रूफ टेंट, हाई-मास्ट लाइट और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। वहीं बाबूपुर घाट पर तीन बड़े जलयान तैयार हैं। यात्रियों के बैठने के लिए टेंट लगाए गए हैं और घाट तक पहुंचने के लिए एप्रोच रोड भी तैयार की गई है। हालांकि संकरी सड़क और अतिक्रमण के कारण यहां जाम की चुनौती बनी हुई है। प्रशासन ने सड़क को निर्बाध रखने के निर्देश दिए हैं।
बरारी घाट से फेरी सेवा नहीं चल रही है। जिलाधिकारी डॉ. अलंकृता पांडे के अनुसार यहां स्थायी इंस्टॉलेशन का काम होना है और क्रेन व भारी मशीनरी की मौजूदगी के कारण यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
बड़े और मालवाहक वाहनों के लिए अलग व्यवस्था की गई है। बाबूपुर घाट से कार्गो जहाज के जरिए मालवाहक वाहनों को नदी पार कराया जाएगा।
सुरक्षा के लिए प्रत्येक जहाज पर मजिस्ट्रेट, पुलिस बल और आपदा मित्र तैनात रहेंगे। घाटों पर भी पुलिस भीड़ नियंत्रण और कतार व्यवस्था संभाल रही है। यात्रियों के लिए मेडिकल कैंप और ‘दीदी की रसोई’ की भी व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि आवश्यक होने पर ही फेरी सेवा का इस्तेमाल करें और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।





