गोपालगंज। नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से गोपालगंज जिले के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हाल के दिनों में जिले के कई इलाकों में गंडक का पानी पहुंचने की खबरें सामने आई हैं और प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई है।
इसी बीच मंगलवार को बैकुंठपुर के विधायक और बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अपने विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्यारेपुर, मुजा, बहरामपुर, पकहां, टंडसपुर (डुमरिया), बनजरिया (अमरपुरा), परसौनी और सरफरा बाजार बांध तक पहुंचकर बाढ़ की स्थिति का निरीक्षण किया। दौरे के दौरान जिला प्रशासन के अधिकारी और पुलिस बल भी मौजूद रहे।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मंत्री ने निचले इलाकों और दियारा क्षेत्र में रहने वाले लोगों से सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की। उन्होंने अधिकारियों को तटबंधों की लगातार निगरानी रखने और सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। साथ ही प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने पर भी जोर दिया।
दौरे के दौरान मंत्री ने प्रशासन की ओर से संचालित सामुदायिक रसोई का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन, शुद्ध पेयजल, बच्चों के लिए दूध और आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
गोपालगंज में गंडक बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन पहले से ऊंचे शरण स्थलों और सामुदायिक रसोई की व्यवस्था चिह्नित कर चुका है। तटबंधों की नियमित निगरानी और संवेदनशील स्थानों पर कटावरोधी कार्य भी किए जा रहे हैं।
वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को गोपालगंज और मोतिहारी के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया था। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर और सामुदायिक रसोई की व्यवस्था तेज करने के निर्देश दिए थे।
फिलहाल बैकुंठपुर के साथ जिले के अन्य संवेदनशील इलाकों में प्रशासन की नजर बनी हुई है। राहत और बचाव कार्यों को लेकर संबंधित विभागों को अलर्ट रखा गया है।





