बेतिया के लौरिया से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। बाढ़ प्रभावित लोगों को उचित राहत और मुआवजा नहीं मिलने से नाराज लौरिया विधायक विनय बिहारी ने अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठने की चेतावनी दी है। विधायक ने कहा है कि अगर बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो वह जिला समाहरणालय परिसर में धरना देंगे।
सोमवार को प्रखंड कार्यालय में विधायक विनय बिहारी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने बताया कि जोगापट्टी प्रखंड की 12 पंचायतों के सैकड़ों गांव गंडक नदी की बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ के कारण सिसवा और मंगलपुर इलाके में कई घर नदी में विलीन हो चुके हैं। इससे बड़ी संख्या में परिवारों के सामने रहने और जीवन-यापन की समस्या खड़ी हो गई है।
वहीं, लौरिया प्रखंड में भी सिकरहना, बलौर, मसान और पंडई नदियों के कारण कई पंचायतों के लोग बाढ़ की चपेट में हैं। विधायक का कहना है कि प्रभावित परिवारों को अपेक्षित राहत और मुआवजा नहीं मिल पाया है।
विनय बिहारी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं और उचित मुआवजे की मांग को लेकर वह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से चार बार मुलाकात कर चुके हैं। इसके अलावा आपदा प्रबंधन मंत्री से भी दो बार मुलाकात की गई है। उन्होंने जिलाधिकारी से भी कई बार इस मामले को लेकर बातचीत की है।
विधायक का आरोप है कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को पॉलीथिन शीट के अलावा अपेक्षित राहत नहीं मिल सकी है। उन्होंने कहा कि वह सोमवार को एक बार फिर जिलाधिकारी से मुलाकात करेंगे और प्रभावित लोगों की समस्याओं के समाधान की मांग रखेंगे।
विनय बिहारी ने स्पष्ट कहा कि अगर इस बार भी समस्या का सकारात्मक समाधान नहीं हुआ तो मंगलवार से जिला समाहरणालय परिसर में धरना शुरू किया जाएगा।
मौके पर सभापति प्रतिनिधि संजय कुमार और उपसभापति प्रतिनिधि लड्ड सिंह भी मौजूद रहे।





