अवैध शराब मामले में दोषी को 5 साल की सजा, एक लाख रुपये का जुर्माना
भागलपुर के विशेष उत्पाद न्यायालय-02 ने अवैध शराब बरामदगी से जुड़े एक मामले में अहम फैसला सुनाते हुए अभियुक्त पुलिस पासवान को 5 वर्ष के सश्रम कारावास तथा एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह निर्णय विशेष उत्पाद वाद संख्या 2876/2024 एवं मोजाहिदपुर थाना कांड संख्या 178/2024 में दिया गया।
मामले की जानकारी के अनुसार 17 जुलाई 2024 को पुलिस को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि एक सफेद रंग की टाटा जेस्ट कार के माध्यम से अवैध शराब की खेप बायपास की ओर ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बाल्टी कारखाना चौक के समीप वाहन जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान संदिग्ध कार को रोककर उसकी तलाशी ली गई, जिसमें विभिन्न ब्रांडों की कुल 15.800 लीटर विदेशी शराब तथा 600 एमएल देशी शराब बरामद हुई।
बरामदगी के बाद पुलिस ने शराब और वाहन को जब्त कर संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। अनुसंधान पूरा होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर न्यायालय ने पुलिस पासवान को दोषी करार दिया।
वहीं मामले में नामजद सह-अभियुक्त मनोज पासवान और डेजी देवी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण न्यायालय ने उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने दोषी पुलिस पासवान को 5 वर्ष के सश्रम कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि दोषी निर्धारित अर्थदंड जमा नहीं करता है तो उसे अतिरिक्त 6 माह का साधारण कारावास भुगतना होगा।
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक भोला कुमार मंडल ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने दोष सिद्ध होने पर यह फैसला सुनाया, जो अवैध शराब कारोबार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण संदेश है।