शाहकुंड की डोमिनिया पंचायत में मनरेगा कार्यों में अनियमितता का आरोप, वार्ड पार्षद ने उठाए भ्रष्टाचार के सवाल
भागलपुर जिले के शाहकुंड प्रखंड अंतर्गत डोमिनिया पंचायत में मनरेगा योजनाओं में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। पंचायत सरकार भवन में आयोजित ग्राम आम सभा के दौरान वार्ड संख्या 8 के वार्ड पार्षद ने पंचायत में संचालित मनरेगा योजनाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
वार्ड पार्षद ने बताया कि पंचायत में लगभग 27 लाख रुपये की लागत से विभिन्न मनरेगा योजनाएं संचालित की गईं, लेकिन इन योजनाओं में वास्तविक मजदूरों के अधिकारों की अनदेखी की गई। उनका आरोप है कि मनरेगा के तहत काम करने वाले जरूरतमंद मजदूरों को उचित लाभ नहीं मिला, जबकि प्रभावशाली और रसूखदार लोगों के खातों में राशि भेजकर योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया।
आम सभा के दौरान वार्ड पार्षद ने पंचायत के मुखिया तथा मनरेगा जांच टीम पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं रही और भ्रष्टाचार तथा घूसखोरी के कारण कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की गई है। उनका दावा है कि जांच रिपोर्ट में दर्ज हस्ताक्षरों और अंगूठे के निशानों की दोबारा सत्यापन कराई जानी चाहिए, ताकि वास्तविकता सामने आ सके।
वार्ड पार्षद ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो मनरेगा योजनाओं में हुए कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है।
इस मामले को लेकर आम सभा में मौजूद ग्रामीणों ने भी पारदर्शी जांच की मांग की। अब देखना होगा कि प्रशासन इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेते हुए जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाता है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।