जामताड़ा के नाला में रविवार को भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान भाजपा नेता माधव चंद्र महतो ने एमएमडीआर एक्ट को लेकर झारखंड सरकार पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एमएमडीआर एक्ट कोई नया कानून नहीं है, बल्कि इसे वर्ष 1957 में ही लागू किया गया था। उनके मुताबिक, इसी कानून के तहत राज्य सरकार को खनिजों पर सेस लगाने का अधिकार मिलता है।
माधव चंद्र महतो ने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार ने कोयले पर 5 रुपये प्रति क्विंटल सेस बढ़ा दिया है, जिससे राज्य का कोयला पूरे देश में महंगा हो गया है। उन्होंने दावा किया कि इसका असर कोयले की खरीद पर पड़ रहा है और बाहर की कंपनियां झारखंड से कोयला खरीदने से पीछे हट रही हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि देश के कई राज्यों में अलग-अलग दलों की सरकारें हैं, लेकिन कर्नाटक, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में एमएमडीआर एक्ट को लेकर विरोध नहीं हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाकर राजनीति की जा रही है।
माधव चंद्र महतो ने पूर्व की रघुवर सरकार और वर्तमान हेमंत सरकार की तुलना करते हुए दावा किया कि रघुवर सरकार के पांच साल के कार्यकाल में 48 कोल ब्लॉकों का सरकारी प्रक्रिया के तहत लीज किया गया था, जबकि वर्तमान सरकार के पांच साल में केवल तीन ब्लॉक आवंटित किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा कोयला उत्पादन बढ़ाने के बजाय अवैध खनन को बढ़ावा देने की है।
उन्होंने कहा कि दो दिन पहले वित्त मंत्री के क्षेत्र में अवैध कोयला लदे चार ट्रक पकड़े गए, जिसे उन्होंने अपने आरोपों का उदाहरण बताया। साथ ही बालू घाटों की नीलामी नहीं होने को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।
अंत में उन्होंने कहा कि जिस तरह केंद्र की मोदी सरकार ने जीएसटी लागू कर अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया, उसी तरह एमएमडीआर एक्ट भी विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।





